Sunday, June 28, 2009

ताजमहल में सीआईएसएफ की गुण्डागर्दी

आगरा। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा का ज़िम्मा सीएसआईएफ के कन्धो पर हैं। लेकिन कई बार ये सुरक्षा कर्मी खुद अपने सारे नियमों की धज्जियां उड़ाते नज़र आते है। विगत सप्ताह सीआईएसएफ ने हद दर्ज की गुण्डागर्दी का सबूत दिया। आतंकवादी और विदेशी ताकतों से लोहलेने वाली सेना के नायब सूबेदार रामेश्वरम दयाल को इनकी बदतमीज़ी का शिकार होना पड़ा।
हुआं यूँ कि जम्मू कश्मीर मे तैनात नायब सूबेदार रामेश्वरम दयाल अपने परिवार के छ: सदस्यों के साथ ताजमहल देखने आगरा आये थे। पूर्वी गेट से प्रवेश करते वक्त उनके पास कुछ खाने की वस्तु थी जिसे सीआईएसएफ के जवान ने तलाशी के बावजूद भी उसे अन्दर ले जाने दिया। रामेश्वरम को इस बात की जानकारी नही थी कि ताज मे किसी भी वस्तु को खाने के लिये नही जा सकते। जब रामेश्वरम खाने का सामान ताज मे ले गये तो वहां मौजूद दूसरे सीआईएसएफ जवानों ने बिना कुछ कहे सुने उन पर टूट पड़े। उनके और उनके परिवार साथ जमकर मारपीट की। इस बीच वहां खडे लोग मूक दर्शक बने रहे। सीआईएसएफ के जवानों ने रामेश्वरम की पत्नी को इतना मारा कि वो वंही बेहोश हो गयी। बाद में इस मामले को छुपाने के लिये सीआईएसएफ के अधिकरियों ने रामेश्वरम पर दबाव बनाकर एक समझौता बनाया और उसके हस्ताक्षर भी करवा लिये। ताकि उनकी करतूत लोगों के सामने ना आ सके। गौरतलब है कि ताजमहल मे किसी वस्तु के ले जाने पर रोक के लिये तलाशी ली जाती है। ये काम सीआईएसएफ का है इसलिये उन्होने अपनी लापरवाही को छिपाने के लिये इतनी बड़ा मामला रफा-दफा किया। ताजमहल मे ये कोई पहला मामला नही है आये जिन यहां सीआईएसएफ के जवान किसी ना किसी के साथ बदसलूकी करते रहते हैं। इससे ताजमहल की छवि के साथ-साथ, देश की छवि को भी नुकसान पंहुच रहा है।

Sunday, June 14, 2009

भाजपा मे कलेश जारी, सिन्हा का इस्तीफा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने पार्टी उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। यशवंत सिन्हा के इस कदम से चुनाव में हार का मुंह देख चुकी पार्टी के भीतर चल रहा घमासान उभरकर सामने आ गया है। यशवंत सिन्हा भाजपा के उपाध्यक्ष थे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में विदेशमंत्री तथा वित्तमंत्री रह चुके हैं।यशवंत सिन्हा के इस्तीफे से कुछ ही समय पहले शनिवार को भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में वह किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि पार्टी की अंदरूनी गतिविधियों के बारे में वे ऐसा कोई भी विचार प्रकट नहीं करें, जिससे भाजपा की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़े।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुये सिंह ने कहा कि पार्टी के अंदरूनी मामलों पर मीडिया या किसी अन्य मंच से बात करने को अनुशसानहीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि ऐसा कदम स्वत: ही अनुशासनात्मक कार्रवाई को आमंत्रण देगा”।सिंह ने कहा कि भाजपा एकजुट है और लोकसभा चुनाव परिणामों की जिम्मेदारी सामूहिक है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पार्टी के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के अंदरूनी मामलों पर अपने विचार व्यक्त किए थे, जिससे संकेत मिले की पार्टी में गुटबाजी चल रही है।

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