Wednesday, December 31, 2008

अलविदा 2008


साल 2008 का अन्तिम सूर्यास्त
जैसे कह रहा हो :-




सूरज हूँ ज़िन्दगी की रमक छोड़ जाऊँगा,

मैं डूब भी गया तो शफक छोड़ जाऊँगा।

Sunday, December 28, 2008

एनसी कश्मीर की सबसे बड़ी पार्टी बनी

जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम और रुझानों के मुताबिक़ फ़ारुक़ अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस विधानसभा में सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में सामने आई है। फारुक़ अब्दुल्ला के पुत्र और पार्टी के वरिष्ठ नेता उमर अब्दुल्ला ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि वे कांग्रेस के समर्थन से सत्ता में आने के लिए तैयार हैं।
मुफ़्ती मोहम्मद सईद और महबूबा मुफ़्ती के नेतृत्व वाली पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। जब उमर अब्दुल्ला से पूछा गया कि वे किन दलों से गठबंधन के बारे में सोच रहे हैं तो उन्होंने कहा, "सबसे पहले हम बता दें कि भाजपा के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं हो सकता उसके अलावा हम बाक़ी सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार हैं।" उमर अब्दुल्ला ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी पीडीपी के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में कहा कि इसकी गुंजाइश बहुत कम है क्योंकि पीडीपी एक "अवसरवादी पार्टी है और उन्हें कुछ समय विपक्ष में बैठकर समझना चाहिए कि राजनीति क्या होती है।"
कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने के बारे में क्या सोचती है। अब तक प्राप्त परिणामों और रुझानों के अनुसार 87 सीटों में से नेशनल कॉन्फ्रेंस को 27, पीडीपी को 22, कांग्रेस को 17, भाजपा को 11, निर्दलीय और छोटे दलों को 10 सीटें मिलने वाली हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस मिलकर 87 सदस्यों वाली विधानसभा में साधारण बहुमत तक पहुँच जाएँगे। राज्य में अब तक के इतिहास में सबसे लंबी चुनाव प्रक्रिया में सात चरणों में मतदान हुए। अलगाववादियों की ओर से चुनाव बहिष्कार के आह्वान के बावजूद रिकॉर्ड संख्या में लगभग 62 फ़ीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भाजपा ने पिछले चुनाव से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है।

शिक्षकों को सम्मान, छात्रों को पुरुस्कार


आगरा। ब्राइट आर्गेनाइजेशन ऑफ यूथ के 14वें शिक्षक सम्मान समारोह मे उत्तर भारत के कई शिक्षकों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। समारोह मे शहर के अनेक छात्र-छात्राओं को उनकी योग्यता के लिये पुरुस्कृत किया गया।
सूरसदन मे आयोजित इस समारोह के दौरान नोएड़ा के शिक्षाविद प्रो. प्रदीप माथुर, के.आर. कॉलेज मथुरा के हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. हिमान्शु चर्तुवेदी, एम.जी. काशी कॉलेज के प्रो. अनिल कुमार और राजीव जैन समेत कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्कूलों को दिये जाने वाले पुरुस्कारों मे बी.एम.राय स्कूल, सेन्ट कॉनरेड़, क्यूवी आदि स्कूलों का बोलबाला रहा। सम्मानित किये गये छात्र-छात्राओं मे अलीशा जै़दी, अर्श आदि के अलावा करीब 550 बच्चों को पुरुस्कृ़त किया गया। ये पुरुस्कार बच्चों को एकल नृत्य प्रतियोगिता, चित्रकला और फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता के लिये दिये गये। समारोह का संचालन नेहा माथुर और सुयशि प्रसाद ने सामुहिक रुप से किया। कार्यक्रम के अन्त मे संस्थाध्यक्ष डा. मोहित पी. माथुर ने सभी को आभार व्यक्त करते हुये इस तरह के कार्यक्रम निरन्तर आयोजित किये जाने पर ज़ोर दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या मे छात्र-छात्राऐं और उनके अभिभावक भी मौजूद थे।

Thursday, December 25, 2008

मायावती ने किया सीबीआई जांच से इनकार

लखनऊ। ओरैया ज़िले में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर मनोज गुप्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दिये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में इलाक़े के विधायक शेखर तिवारी को भी अभियुक्त बनाया गया है। शेखर तिवारी सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी के विधायक हैं। बुधवार शाम पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार भी कर लिया है। शेखर तिवारी पर कई अपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
मृत इंजीनियर के रिश्तेदारों ने पत्रकारों को बताया कि विधायक शेखर तिवारी काफ़ी दिनों से उनसे दस लाख रुपये चंदा मांग रहे थे। मंगलवार रात विधायक और उनके कुछ साथी औरैया में गैस अथॉरिटी की आशियाना कॉलोनी स्थित उनके घर गए। इन लोगों ने घर का दरवाजा तोड़कर इंजीनियर की पत्नी को बाथरूम में बंद कर दिया और इंजीनियर को मारा-पीटा। उन्हें बिजली के झटके भी दिए गए। विधायक और उनके समर्थकों ने अधमरी हालत में इंजीनियर को गाड़ी पर लाद कर पुलिस थाने पहुँचा दिया। पुलिस जब इंजीनियर को अस्पताल ले गई तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस बीच समाजवादी पार्टी के आह्वान पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश बंद का आह्वान किया गया है। राजधानी में इस हत्याकाण्ड का विरोध कर रहे सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया। इसी तरह सपा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कई जिलों मे विरोध प्रदर्शन किये।
उधर इस मामले से सकते मे आयी मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि विपक्ष इंजीनियर की हत्या को उनके जन्मदिन से जोड़कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
मायावती ने इंजीनियर की हत्या की जाँच सीबीआई से कराने की मांग को ठुकरा दिया। मायावती ने कहा, "सीबीआई जाँच की क्या आवश्यकता है। मेरे आदेश पर पुलिस ने इस मामले में सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है।"

Saturday, December 20, 2008

पुलिस कांउसलर हुये सम्मानित

आगरा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार संचालित किये जा रहे है परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों को उनके सराहनीय कार्य के लिये एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में गरीब, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को सिलाई मशीनें भी प्रदान की गयी। कार्यक्रम के दौरान बढते घरेलू हिंसा के मामलों पर रोक लगाने पर ज़ोर दिया गया।
आगरा के पोरवाल भवन मे एक स्थानीय संस्था द्वारा आयोजित सम्मान समारोह मे परिवार परामर्श केन्द्र के अध्यक्ष एंव पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद ने कहा कि घरेलू झगड़ो के पीछे एक बड़ा हाथ घर की बड़ी-बूढी महिलाओं का भी होता है। इसलिये ये ज़रुरी हो जाता है कि केन्द्र के सदस्य पति-पत्नी के अलावा दोनों पक्षों की महिलाओं को भी खास कांउसलिंग दें ताकि घरेलू विवाद थाने या अदालत तक ना जाकर घर की चारदिवारी मे ही निपट जायें। उन्होने अपने कार्यकाल के दौरान शुरु किये गये प्रोजेक्ट दीदी के बारे मे भी लोगों को जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक (नगर) ड़ा. बी.पी.अशोक ने कहा कि दुनियाभर मे 90 प्रतिशत शादियां लव मैरिज होती हैं जबकि भारत मे ये औसत केवल 10 फिसदी है उसके बावजूद हमारे देश मे घरेलू झगड़े और विवाद ज़्यादा होते हैं। इसके बारे मे हमे खुले मंच पर बहस करनी चाहिये। उन्होने केन्द्र के सदस्यों को कठिनटास्क का प्रशिक्षण दिये जाने की वकालत करते हुये अन्तर्राजातीय और अन्तरधार्मिक विवाह किये जाने पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के सदस्य अन्जलि वर्मा, आरजे अखलाख अहमद, सुरेखा खत्री आदि ने भी अपने अनुभव लोगों के साथ बांटे। इसके बाद सिलाई मशीनें बांटी गयी और केन्द्र के सभी 50 सदस्यों और पुलिसकर्मीयों को मंच पर बुलाकर कर सम्मानित किया गया। जिनमें सोशल वर्कर सैय्यद इब्राहिम हुसैन ज़ैदी, प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, गौरव गुप्ता, रानी गुप्ता, मंजुला सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता इसरार हुसैन, अनुवादक गुलफाम अहमद, अरुणा सिंह, विमला राठौर, लाली यादव और हाजी जमीलुद्दीन के नाम प्रमुख हैं।

चन्द्रयान पूरी तरह दुरुस्त

बंगलुरु। चांद पर भेजे गये भारतीय अंतरिक्ष खोजीयान चंद्रयान मे आयी तकनीकी खामी को दूर कर लिया गया है। इसरों से जुड़े वैज्ञानिकों के मुताबिक ये एक बड़ी समस्या थी जिसको सावधानी पूर्वक ठीक कर दिया गया है। अब यान को कोई खतरा नही है। गौरतलब है कि चंद्रयान तेज़ी से गर्म होने लगा था जिससे उसमें बड़ी गड़बड़ी होने का ख़तरा पैदा हो गया था लेकिन अब उसे दुरुस्त कर लिया गया है.
वैज्ञानिकों ने बताया कि मानवरहित चंद्रयान अब बिल्कुल अच्छी तरह से अपना काम कर रहा है। भारत ने चंद्रयान का प्रक्षेपण 22 अक्तूबर को किया था, नवंबर महीने के पहले सप्ताह में चंद्रयान अपनी कक्षा में पहुँच गया था। चंद्रयान का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था जिससे लगने लगा था कि पूरा मिशन नाकाम हो जाएगा। चंद्रयान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम अन्नादुरै ने मीड़िया को बताया, "हमने कई क़दम उठाए जिनकी वजह से तापमान अब सुरक्षित सीमा के भीतर 40 डिग्री तक आ गया है. चंद्रयान पर मौजूद सभी 11 उपकरण अच्छी तरह काम कर रहे हैं।" गर्मी पैदा होने के बाद चंद्रयान के कई उपकरणों को बंद करना पड़ा और चंद्रयान की स्थिति में 20 डिग्री का परिवर्तन किया गया।
एम अन्नादुरै के मुताबिक "अब चंद्रयान को वापस उसकी पुरानी स्थिति में ले आया गया है।" चंद्रयान का उद्देश्य चंद्रमा की सतह के विस्तृत नक्शे तैयार करना है. चंद्रयान पानी के अंश और हीलियम की भी तलाश करेगा। चंद्रयान को भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस यान के अब तक कई परीक्षण किए गए हैं और वैज्ञानिक उसके प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं, चंद्रयान अपनी यात्रा शुरू करने के सप्ताह भर बाद से धरती की तस्वीरें नियंत्रण कक्ष को भेज रहा है। चंद्रयान पर कुल 11 वैज्ञानिक उपकरण हैं जिनमें से छह विदेशी एजेंसियों के हैं. दो अमरीकी, तीन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एक बुल्गारिया का उपकरण चंद्रयान पर है, बाक़ी के पाँच उपकरण भारतीय हैं जिन्हें इसरो ने तैयार किया है। इस अभियान को लेकर सभी वैज्ञानिक खासे उत्साहित हैं।

Sunday, December 14, 2008

बिछड़े दिलों को मिला रही है पुलिस

आगरा। अपराधियों पर अंकुश लगाने वाली पुलिस अब बिछड़े दिलों को मिलाने का काम भी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानुसार आगरा पुलिस ने भी घरेलू मामलों को थाने की चारदिवारी के बाहर निपटाने की कवायद ज़ोरशोर से शुरु कर दी है। पिछले चार हफ्तों से पुलिस लाईन मे परिवार परामर्श केन्द्र संचालित किया जा रहा है। जिसमें कई बिछड़े जोड़ों को फिर से एक कर दिया गया।
आगरा के पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद की अध्यक्षता मे शुरु किया गया केन्द्र अब एक बड़े परिवार का रूप ले चुका है। जनपदभर से आये घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों को निपटाने के लिये 50 सदस्यों की एक टीम तैयार की गयी है। जिसमे शहर के चुनिन्दा लोगों को शामिल किया गया है जो ऐसे लोगों को कांउसलिंग दे सकें। केन्द्र के सभी सदस्यों को कांउसलिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। हर रविवार को लगने वाले कांउसलिंग शिविर मे परिवारों को एक करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। अदालत मे विचाराधीन मामलों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। पुलिस अधीक्षक अशफाक अहमद इस तरह के केन्द्र चलाने मे माहिर माने जाते हैं। गौरतलब है कि अपने एटा कार्यकाल के दौरान उन्होने प्रोजेक्ट दीदी के माध्यम से इस तरह के मामलों को निपटाने का नया कीर्तिमान स्थापित किया था। अभी तक लगभग एक दर्जन से अधिक जोड़ों मे समझौता कराया गया है। इसकी सफलता के चलते इसमे आने वाले मामलों मे हर सप्ताह बढोत्तरी हो रही है और थानों के साथ-साथ अदालतों का बोझ भी कम होता जा रहा है। आगरा परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों मे प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, पर्यटन एंव समाजसेवी सैय्यद इब्राहिम हुसैन जै़दी, आरजे अखलाक अहमद, महिला कार्यकर्ता सरोज गौड़, गौरव गुप्ता, एड़वोकेट अंजलि, मंजू गुप्ता, इसरार हुसैन, विनय पुरवाल, हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, मुकेश गुप्ता, सुरेखा खत्री, रानी गुप्ता और मंजुला सिंह आदि के नाम प्रमुख है।

Wednesday, December 3, 2008

इस्लाम मे आतंक के लिये कोई जगह नही

आगरा। मौहब्बत के शहर आगरा के मुसलमान भी मुम्बई हमले के आतंकियों को मुसलमान नही मानते। शहर के मुस्लिम लोगों का कहना है कि इन लोगों को दफनाने के लिये हमारे मुल्क मे जगह नही दी जानी चाहिये।
ताजमहल की शाही मस्जिद के सदर और सामाजिक कार्यकर्ता सैय्यद इब्राहिम हुसैन ज़ैदी बेबाकी के साथ कहते हैं कि इस्लाम में हिंसा और आतंक के लिये कोई जगह ही नही है तो फिर बेगुनाहों का कत्ल करने वाले मुसलमान कैसे हो सकते हैं? और जो मुसलमान है ही नही तो उसे दफनाने की बात तो दूर जनाज़े की नमाज़ पढाने का भी सवाल नही उठता। इस्लाम धर्म सिर्फ आपसी भाईचारे और प्यार का पैगाम देता है। यही इस मजहब की बुनियाद है।
ज़ैदी बताते हैं कि इस्लाम कहता है जो इसांन अपने मुल्क का वफादार नही वो मुसलमान हो ही नही सकता। हिन्दुस्तान के मुसलमान हमेशा इस तरह की हरकतों और हमलों के खिलाफ रहें हैं और रहेगें। उनके मुताबिक मुम्बई के उलेमाओं और इमामों का फैसला बिल्कुल सही है।
ग्यारहवीं के छात्र इमरान हुसैन का कहना है कि आतंक फैलाने वाले इस तरह के लोगों को अपने मुल्क की ज़मीन मे जगह ना दिये जाना एक ऐसा फैसला है जिस पर किसी भी मुसलमान को एतराज नही होगा। इमरान कहते हैं कि उन्हे जब इस तरह की घटनाऐं देखने और सुनने को मिलती हैं तो बड़ा अफसोस होता है। वो केवल देश मे अमन और शांति चाहते हैं।

Thursday, November 27, 2008

भारत पर सबसे बड़ा आंतकी हमला

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई महानगर में बुधवार रात को हुये आंतकी हमले के बाद गुरुवार को भी शहर में ताज और ऑबराय होटलों समेत तीन जगहों पर नज़ारा रणभूमि जैसा है. रुक-रुक कर गोलियाँ चलने और ग्रेनेड फटने की आवाज़ें सुनी जा रही हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और नौसेना के प्रशिक्षित कमांडो होटलों में बंदी लोगों को बचाने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं. बुधवार रात मुंबई में सात अलग जगहों पर हुए हमलों में 101 लोग मारे गए हैं और 287 से ज़्यादा घायल हैं. मृतकों में 14 पुलिसकर्मी, छह विदेशी नागरिक और पाँच चरमपंथी हैं. कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है.
महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने कहा है कि तीन जगह जहाँ कार्रवाई चल रही है वहाँ 10-12 चरमपंथी हो सकते हैं. उनके अनुसार पाँच चरमपंथी मारे गए हैं, एक को जीवित गिरफ़्तार किया गया है. कई पुलिसकर्मी और कुछ नौसेना के कमांडो घायल हुए हैं.
इस घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई. पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों ने हथगोलों और एके-47 जैसी स्वचलित बंदूकों का इस्तेमाल किया है. डेकन मुजाहिदीन नाम के एक संगठन ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है. ग़ौरतलब है कि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है ताज होटल में चरमपंथियों ने बंदी बनाए लोगों से विदेशी पासपोर्ट वाले -विशेष तौर पर ब्रितानी और अमरीकी नागरिकों के बारे में पूछा और उन्हें अन्य लोगों से अलग किया है.
ताज होटल में बुधवार रात से लेकर गुरुवार दोपहर तक कुछ धमाके हुए और उसकी सबसे ऊपर की इमारत में आग लग गई. कई दमकल कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने होटल में मौजूद लोगों को बाहर निकाला है.

महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक एएन रॉय ने एक भारतीय टीवी चैनल को बताया, "ताज में सभी मंज़िलों पर एक-एक कमरे की जाँच हो रही है. जितने लोग वहाँ हाल्स या अन्य जगहों में फँसे हुए थे उन्हें बाहर निकाल लिया गया है और अब वहाँ पर बंधक नहीं हैं. लेकिन कमरों में लोग हैं और इसीलिए एनएसजी और नौसैनिक कमांडो सावधानी से कार्रवाई कर रहे हैं." ऑबराय होटल के आसपास रुक-रुक कर फ़ायरिंग की आवाज़े भी सुनाई दे रही हैं. महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख एएन रॉय ने कहा है, "ऑबराय होटल में कार्रवाई बहुत धीमी चल रही है क्योंकि वहाँ कुछ बंदी लोगों के होने की संभावना है." एनएसजी के एक प्रमुख अधिकारी ने भी ताज में ऑपरेशन धीमा चलने की बात की है. उन्होंने ये भी कहा है कि चरमपंथियों की संख्सा तीन, चार या पाँच हो सकती है.
ताज होटल ने अपने बयान में कहा है कि मुंबई में ताज में जंग जारी है और कई लोग घायल हुए हैं. लेकिन होटल ग्रुप का ये भी कहना है कि वह झुकागा नहीं और इमारत को हुई हर क्षति को पूरा किया जायगा.
उधर नारिमन भवन को भी पूरी तरह से घेरा गया है. ये एक ऑफ़िस ब्लॉक है जिसके आसपास ख़ासे सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं. केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल मुंबई पहुँच गए हैं. पहले ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटिल एक घटनास्थल पर मौजूद हैं. मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख राज्य के बाहर थे लेकिन वे देर रात लौट आए हैं. सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि चरमपंथी संभवत: समुद्री रास्ते से आए और उनके पास ग्रेनेड और विस्फोटकों के कई बस्ते थे इसीलिए दक्षिणी मुंबई में इमारतों को निशाना बनाया गया है. दो गाड़ियों में भी विस्फोट हुए हैं और ख़बरें हैं कि दो चरमपंथी दो पुलिस वाहन लेकर भाग निकले हैं. मुंबई में जिन इलाक़ो में मुठभेड़ चल रही है वहाँ दफ़्तर, स्कूल-कॉलेज और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं

Sunday, November 16, 2008

जादू-टोने के खिलाफ दारुल उलूम का फतवा

देवबंद (सहारनपुर)। हमारे यहां भूत-प्रेत, काला जादू, टोने का इलाज गारंटी से किया जाता है। इस तरह का प्रचार प्रसार हर बड़े-छोटे शहर, कस्बों में जगह जगह बड़े बड़े होर्डिंग, बोर्ड लगाकर किया जाता है, लेकिन दारुल उलूम से हाल ही में जारी एक फतवे में जादू टोने को नाजायज करार दिया गया है।
दारुल उलूम के आन लाइन फतवा विभाग से एक व्यक्ति ने 19 अक्टूबर को फतवा मांगा कि जो शख्स जादू टोना किसी दूसरे पर करता है तो इस इंसान के लिए क्या ताकीद है और उस पर क्या गुनाह होगा? अगर जादू टोना किसी अच्छे काम के लिए किया जाए जैसे कि किसी लड़की का दिमाग बहुत हल्का है जो थोड़ी बहुत बात पर किसी पर भी हाथ उठा देती है और अक्सर कई मौके ऐसे होते हैं जिसमें कोई पागल हो या किसी के अंदर जिन या चुड़ैल का असर हो।
जवाब में फतवा विभाग के मुफ्ती-ए-कराम ने फतवा संख्या 1465-1707 के माध्यम से शरीयत की रोशनी में जवाब देते हुए कहा कि यह हराम काम का प्रतीक है और ऐसा करने वाला फासिक, फाजिर और जालिम है अर्थात जादू टोना करना नाजायज है तथा ऐसा करने वाले को गुनाह-ए-कबीरा व जालिम की श्रेणी में रखा जाता है। इतना ही नहीं अगर वह कुरान व हदीस के खिलाफ कोई अमल करता है भले ही वह कार्य अच्छे काम के लिए हो फिर भी ऐसा अमल करना जायज नहीं है। उक्त फतवे का समर्थन किया है।

Thursday, November 13, 2008

ताज मे बदसलूकी महंगी पड़ी सीआईएसएफ को

आगरा। भारत सरकार और केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने ताजमहल की सुरक्षा मे तैनात सीआईएसएफ के जवानों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी व्यक्त की है। उन्होने शुक्रवार के दिन नमाज़ के लिये जाने वालों के साथ बदसलूकी के मामले मे कड़ी कार्यवाही के निर्देश जारी किये है। इस मामले मे ताजमहल मस्जिद के सदर सैय्यद इब्राहिम ज़ैदी ने सितम्बर माह मे नमाजियों के साथ की गयी बदसलूकी की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृहमंत्री समेत कई अधिकारियों से की थी।
ताजमहल मे अक्सर पर्यटकों और नमाज़ियों के साथ सीआईएसएफ के जवान बदसलूकी करते रहते हैं। इस बारे मे कई बार पहले भी शिकायत की जा चुकी हैं। लेकिन सरकारी तन्त्र की लापरवाही के चलते अक्सर ऐसे मामले ठण्ड़े बस्ते मे चले जाते है। इसका लाभ उठाकर सीआईएसएफ के लोग अपनी हरकतों से बाज़ नही आते। बीती 29-08-2008 को कई लोग जुमे की नमाज़ के लिये ताजमहल की मस्जिद मे मौजूद थे। इसी दौरान वहां नमाज़ पढ रही एक महिला को सीआईएसएफ की महिला जवान ने हाथ पकड़ कर बाहर खींच लिये था यही नही जब इस बात का विरोध किया गया तो सीआईएसएफ के एसआई और जवानों ने ताज के गेट पर नमाज़ियों के साथ बदसलूकी के साथ-साथ गाली गलौज भी की थी।
इस मामले को गम्भीरता से लेते हुये स्वतंत्र पत्रकार और ताजमहल मस्जिद के सदर सैय्यद इब्राहिम ज़ैदी ने एक शिकायती पत्र ताज के ड़िप्टी कंमाड़ेन्ट समेत और कई लोगों को प्रेषित किया था। उसी पत्र पर कार्यवाही करते हुये भारत सरकार के अवर सचिव ए.के.साहू और केन्द्रीय गृहमन्त्रालय के अतिरिक्त सचिव अजय भाटी ने सीआईएसएफ के डीजी आर.के.दास को इस प्रकरण मे सीआईएसएफ के दोषी अधिकारियों और जवानों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किये जाने के निर्देश जारी किये हैं। साथ ही दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सीआईएसएफ ड़ीजी को कार्यवाही के बाद इस सम्बन्ध मे राष्ट्रपति कार्यालय और केन्द्रीय गृहमंत्रालय समेत श्री ज़ैदी को भी सूचित करने के निर्देश दिये हैं। दोनों अधिकारियों की और से श्री ज़ैदी को पत्र के माध्यम से इस बारे मे विस्तृत सूचना दी गयी है। श्री ज़ैदी के मुताबिक उन्हे भारत सरकार और गृहमंत्रालय पर पूरा भरोसा है कि वे दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कर नमाज़ियों और पर्यटकों को राहत देगें।

Saturday, November 1, 2008

फिर सुर्खियों में आया आरुषि हत्याकांड

नोएडा। आरुषि की मेडिको लीगल रिपोर्ट से संबंधित जांच के लिए सीबीआई टीम शुक्रवार को फिर जिला अस्पताल पहुंची। अभी तक मेडिको लीगल रिपोर्ट का रजिस्टर सीबीआई को नहीं मिल पाया है। वहीं आरुषि के पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सुनील दोहरे से भी सीबीआई ने पूछताछ की।
जिला अस्पताल से मेडिको लीगल रिपोर्ट गायब होने के बाद बहुचर्चित आरुषि हत्याकांड फिर सुर्खियों में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक रजिस्टर संबंधी जानकारी के लिए सीबीआई की टीम ने जिला अस्पताल के सीएमएस से दोबारा पूछताछ की। वहीं आरुषि का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सुनील दोहरे से सीबीआई ने आरुषि के स्लाइड के बारे में पूछताछ की। सीबीआई ने डॉ. दोहरे से स्लाइड लेने के बाद सीएमएस या पैथोलाजी विभाग को भेजने के बारे में जानकारी ली। डॉ. दोहरे ने बताया कि उन्होंने स्लाइड जिला अस्पताल के सीएमएस के नाम भेजा थी, जिसमें स्लाइड जांच कराने की बात लिखी गई थी।
ज्ञात हो कि आरुषि के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं इसकी जांच रिपोर्ट में कई बार ओवरराइट हुई है। इससे सीबीआई को जांच रिपोर्ट पर संदेह हुआ। सीबीआई अस्पताल के मेडिको लीगल रजिस्टर से जांच रिपोर्ट का मिलान करना चाहती है ताकि यह साफ हो सके कि जांच रिपोर्ट में कहीं छेड़छाड़ तो नहीं की गई। इस बाबत सीबीआई की टीम ने चार दिन पहले पैथोलॉजी विभाग की अलमारी को तोड़कर मेडिको लीगल रजिस्टर को ढूंढा, लेकिन रजिस्टर वहां से गायब था।
इस दौरान अस्पताल में रखे लगभग ढाई सौ स्लाइड सिटी मजिस्ट्रेट ने अपने कब्जे में लिये थे। सिटी मजिस्ट्रेट संजय चौहान ने बताया कि मेडिको लीगल रजिस्टर की खोजबीन के दौरान पैथोलाजी विभाग की तोड़ी गई अलमारी से कुछ सामान निकाला गया था। इनमें मेडिको लीगल की स्लाइड भी थी, जिसे सील कर पैथोलॉजी विभाग को सौंप दिया है, ताकि इनमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ या अदला-बदली न हो सके। भविष्य में अगर किसी भी स्लाइड की जांच की जरूरत पड़ती है, तो सिटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सील को खोला जा सकेगा।
मालूम हो कि सेक्टर 25 स्थित जलवायु विहार में डॉक्टर राजेश तलवार की बेटी आरुषि और उनके नौकर यम प्रसाद की इसी वर्ष 15-16 मई की रात को हत्या कर दी गई थी। इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।

12 नवंबर को होगी सांसद मुनव्वर की सुनवाई

मुजफ्फरनगर। लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के समक्ष समाजवादी पार्टी सांसद मुनव्वर हसन के खिलाफ पर्याप्त सुबूत नहीं दे पाई। अब इस मामले में आगामी 12 नवंबर को सुनवाई होगी। मुनव्वर का कहना था कि समाजवादी पार्टी ने परमाणु मसले पर संसद में मतदान के समय जो व्हिप जारी किया था, वह उन्हें मिला ही नहीं, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर के सांसद मुनव्वर हसन आने वाले लोकसभा चुनाव में कैराना सीट पर बसपा के बैनर पर अपनी किस्मत आजमाने वाले हैं। खुद मायावती उन्हें बसपा का कैराना लोकसभा प्रभारी घोषित कर चुकी हैं। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी मुनव्वर हसन की सांसदी को चुनौती दे रही है। दरअसल समाजवादी पार्टी का आरोप है कि हसन सपा के बैनर पर सांसद बने थे और इसलिए उन्हें मतदान के समय पार्टी की ओर से जारी किए गए व्हिप का पालन करना चाहिए था। इस मामले पर समाजवादी पार्टी की ओर से रामगोपाल यादव पैरवी कर रहे हैं। पिछली तारीख पर भी यही मसला उठा था। हालांकि एक बार मुनव्वर अस्वस्थ होने के कारण तारीख पर नहीं जा पाए थे। इस मामले में लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने 30 अक्टूबर की तिथि तय की थी। मुनव्वर हसन के प्रतिनिधि वीर सिंह मलिक ने बताया कि ठीक चार बजे दोनों पक्ष चटर्जी के समक्ष पेश हुए। रामगोपाल यादव का कहना था कि हसन सपा के सांसद हैं और उन्होंने व्हिप का पालन नहीं किया। हसन का तर्क था कि व्हिप उन्हें दिया ही नहीं गया। इस मसले पर स्पीकर ने यादव को आगामी 12 नवंबर तक पर्याप्त सुबूत लेकर आने के लिए कहा। विदित हो कि हसन ने परमाणु करार पर मतदान के समय यह बयान देकर तहलका मचा दिया था कि समाजवादी पार्टी ने उन्हें 25 करोड़ रुपये की आफर देकर सरकार के पक्ष में मतदान करने को कहा है। हालांकि उन्होंने यह आफर ठुकरा दिया। यह बयान हसन ने जागरण से विशेष बातचीत में दिया था और बाद में यह बहुत बड़ा इश्यू बना। अखबारों की प्रतियां लोकसभा में लहराई गई थी। हसन के बाद कुछ और सांसदों ने भी पैस की आफर देने की बात कही थी। फिलहाल हसन की सांसदी कम से कम 12 नवंबर तक तो बच ही गई।

अपने चेहरे से जो जाहिर है छुपाएं कैसे...

लखनऊ। संगीत नाटक अकादमी गोमतीनगर के नये प्रेक्षागृह में ठुमरी और गजल की साम्राज्ञी पद्मभूषण बेगम अख्तर की स्मृति में संगीत नाटक अकादमी की ओर से 'यादें' शीर्षित कार्यक्रम में मुम्बई की गायिका इंदिरा नाइक के गजल और ठुमरी गायन का कार्यक्रम रखा गया था। इंदिरा नाइक के शुरुआत वसीम बरेलवी के कलाम- 'अपने चेहरे से जो जाहिर है छुपाएं कैसे, तेरी मर्जी के मुताबिक नजर आएं कैसे' से किया। इस क्रम को उन्होंने- 'अपनी नजर-नजर में..' और 'मैंने लाखों के बोल सहे सितमगर तेरे लिए..' जैसे कलामों से आगे बढ़ाया। आगे उन्होंने बेगम अख्तर की गाई चंद गजलों को भी अपनी आवाज दी। उनके साथ तबले पर रत्नेश मिश्र, सारंगी पर अली अहमद और हारमोनियम पर कृष्णानंद ने संगत की। गायिका का परिचय तरुण राज ने कराया।

Saturday, October 25, 2008

जेल मे दुकान....

पटना। कैदियों को चीनी, नमक, ब्लेड, मोमबत्ती या दैनिक जरूरत की दूसरी चीजें जेल में ही उपलब्ध हो जाएंगी। जेलों को सुधार गृह बनाने की परिकल्पना के बीच सरकार जेलों में जनरल स्टोर खोलने जा रही है। हालांकि कैदियों को उनकी जरूरत का सामान लेने को पैसे अदा करने होंगे।

कैदियों के प्रति मानवाधिकार को लेकर बढ़ते दबाव के बीच जेलों में लगातार सुविधाओं में वृद्धि हो रही है। कुछ जेलों में लाइब्रेरी खोले गए हैं। योग के क्लास चल रहे हैं। बच्चों के खेल-कूद के लिए झूले की व्यवस्था हुई और हो रही है। कुछ माह पूर्व पटना सहित कतिपय जेलों में सुधार के बूथ खोले गए हैं जहां से बंदी दूध, पेड़े, लस्सी का लुत्फ उठा रहे हैं। खास बात यह भी जेलों में बंद महिला कैदियों के लिए सेनेटरी नैपकिन की भी आपूर्ति की जाने वाली है। मानवीय दृष्टिकोण से इस दिशा में पहल की गयी है। पहली बार किसी जेल में इसकी आपूर्ति होगी। सेनेटरी नैपकिन या जनरल स्टोर के बारे में विभिन्न प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। थोड़ी सी औपचारिकता के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
जानकार बताते हैं कि जेलों में खाना बनाने के लिए भोजन सामग्री आपूर्ति की अपनी व्यवस्था है। उसका अलग 'अर्थ तंत्र' है। जिससे आपूर्ति और खपत के सिस्टम में गैप आता रहता है। इस व्यवस्था के कारण नमक, चीनी जैसी मामूली मगर जरूरी चीजों के लिए कैदियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जेल विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जेल में दरी-कालीन बनाने, बेकरी और दूसरे तरह के कारखाने संचालित हैं। इसके अतिरिक्त दूसरे तरह के काम करने होते हैं जिसके एवज में कैदियों को पैसे मिलते हैं। यह राशि जेल अधिकारी के पास ही जमा हो जाते हैं। जेलों में पारचूनी दुकान खोलने से लोगों को जरूरत की चीजें मिल जाएंगी तो जेल अधिकारी के पास जमा पैसे से उसका भुगतान हो जाएगा।

बिक सकता है एक मासूम

अलीगढ़। एक मां के लिए इससे बड़ा दुख और क्या हो सकता है कि उसे अपने मासूम बच्चे को बेचने का निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़े। दरअसल इसकी विवशता यह है कि उसे ससुराल वाले ठुकरा चुके हैं और मायके वालों ने मुंह मोड़ लिया है। वह अपने दो बच्चों की परवरिश नहीं कर सकती। मानसिक रूप से अस्वस्थ यह महिला दो बार खुदकुशी का प्रयास कर चुकी है। अब महिला सेल में उसने न्याय की गुहार लगाई है। यदि कहीं से सहारा न मिला तो उसे अपनी बच्ची को पांच हजार रुपये में बेचने को मजबूर होना पड़ेगा।
यह पीड़ा नगला जाहर, लेखराज नगर निवासी पुष्पा की है, जिसकी शादी बारह साल पहले रेलवे रोड निवासी गगन से हुई थी। पुष्पा के पास चार साल का पुत्र व आठ माह की पुत्री है। पुष्पा मिर्गी रोग से पीड़ित है। एक रोगी को समुचित इलाज मिलने के साथ भावनात्मक संबल भी जरूरी होता है, मगर उसे हर तरफ से ठोकरें मिल रही हैं। इसके चलते वह कभी-कभी आपा खो बैठती है। ऐसी हरकतें करने लगती है कि लोग उसे विक्षिप्त मान लेते हैं। इसी वजह से पुष्पा का अपने पति व ससुराल वालों से विवाद होता रहता था। हालत यह हो गई कि पति उसे छोड़कर मुंबई चला गया। तब से वह अपने दोनों बच्चों के साथ मायके में रहने आ गई। हालांकि मायके वालों ने उसका इलाज भी कराया, परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। पति के मुंह मोड़ने और बीमारी से त्रस्त पुष्पा ने दो बार आग लगाकर खुदकुशी करने का प्रयास भी किया। एक बार तो उसकी इसी नासमझी के चलते घर में आग लग गई थी, जिसे बुझाने के लिए दमकल बुलानी पड़ी थी। इन वजहों से मायके वालों ने भी उससे मुंह मोड़ना शुरू कर दिया। उसने खुद को तो हालात के हवाले कर दिया, मगर दो बच्चों की परवरिश की चिंता उसे सताने लगी है। जब कोई चारा न सूझा तो उसने मायके में रहते हुए ही अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की शिकायत की। आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया है। शुक्रवार को उसे मायके से भी निकाल दिया गया तो वह दोनों बच्चों के साथ महिला सेल जा पहुंची। वहां उसका कहना था कि वह पति के साथ रहना चाहती है, मगर पति की बेरुखी के बाद अब मायके में भी रह पाना मुश्किल हो रहा है। उसकी पीड़ा हर किसी को झकझोर देने वाली थी। उसका कहना था कि बच्चों की परवरिश उसके लिए भारी साबित हो रहा है। बेटी के लिए दूध तक को रुपये नहीं हैं। उसकी बेटी के उसे पांच हजार रुपये मिल रहे हैं। वह उसे किसी अच्छे परिवार कों सौंपना चाहती है ताकि उसका जीवन संवर सके। मासूम बच्ची व महिला की दशा देख हर कोई अचंभित था। महिला सेल प्रभारी अंजू तेवतिया ने एक सिपाही को पुष्पा के मायके भेजा ताकि वे पुष्पा को घर ले जाएं परंतु वहां से कोई आने को तैयार नहीं हुआ। महिला सेल प्रभारी ने बताया कि पुष्पा के मायके वालों ने साफ कह दिया कि वे पुष्पा की हरकतों से आजिज आ चुके हैं और अब वे उसे घर पर नहीं रख सकते।

चांद के करीब पहुंचा चंद्रयान

बेंगलूर। भारत के अंतरिक्ष यान चंद्रयान-1 ने चांद की ओर बढ़ने की अपनी यात्रा का 20 फीसदी हिस्सा पूरा कर लिया है। इसरो के वैज्ञानिकों ने शनिवार कक्षा बढ़ाने का दूसरा प्रयास पूरा किया।
इस अंतरिक्ष यान के 440 न्यूटन लिक्विड इंजन को सुबह पांच बजकर 48 मिनट पर 16 मिनट तक चलाया गया। इसरो के प्रवक्ता एस सतीश ने कहा कि इंजन के इस तरह चलाने से चंद्रयान-1 का एपोजी यानी शिरोबिंदु 74 715 किलोमीटर तक जबकि पेरिजी यानी भूमिनीच बिंदु 336 किलोमीटर हो गया।
इसरो के अध्यक्ष जी माधवन नायर ने कक्षा बढ़ाने के शनिवार के अभियान को रिकार्ड तोड़ने वाला करार दिया। अंतरिक्ष विभाग के सचिव नायर ने कहा कि अब तक भारत के उपग्रह 36000 किलोमीटर की ऊंचाई को छू चुके हैं। आज इंजन चलाने से चंद्रयान-1 कोई 75000 किलोमीटर तक चला गया। यह अब तक जो हासिल किया गया है उससे कहीं आगे है। यह एक अच्छा आयोजन था जो बिना किसी त्रुटि के पूरा हो गया।
भारत के पहले मानव रहित चंद्र अभियान की जटिलता की ओर संकेत देते हुए नायर ने कहा कि जब अंतरिक्ष यान पृथ्वी से नजदीक होता है तो उसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र सुपरिभाषित होता है और वैज्ञानिक उसके प्रक्षेप-पथ [ट्रेजेक्ट्री] को आकार दे सकते हैं। नायर ने कहा कि जब आगे बढ़ते चले जाते हैं पृथ्वी का प्रभाव कम होता जाता है। चांद और सूर्य के असर का प्रभुत्व हो जाता है। यहां तक कि अन्य ग्रहों का भी उस पर असर पड़ता है। चंद्रमा पृथ्वी से 384000 किलोमीटर की दूरी पर है। इसरो के अधिकारियों का कहना है कि चंद्रयान-1 के चंद्रमा की कक्षा में आठ नवंबर को स्थापित हो जाने की उम्मीद है जो चांद की सतह से 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर है।
इसरो ने कहा कि गत 22 अक्तूबर को छोड़े गए अंतरिक्ष यान की सभी प्रणालियां ठीक तरह से काम कर रही हैं। चंद्रयान-1 को अब भी और ऊंची कक्षा में ले जाने के लिए अगले कुछ दिनों में प्रयास होने की योजना है।

टीआरपी के लिये नया तमाशा

नोएड़ा। एक ख़बर...सॉरी...."मसाला" बिकने को तैयार है। झमाझम और झोली भर टीआरपी के साथ। बिल्कुल तमाशाई अंदाज़ में। लेकिन ख़रीदार चाहिए। कलेजे वाला। ये आइडिया हिट होगा इसकी गारंटी। अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर कौन सी ख़बर है जिसके चलने से पहले ही टीआरपी का लंबा-चौड़ा सपना दिखाया जा रहा है। तो सोचिए..। दीमाग लगाइए। वैसे कुछ ख़ास बचा नहीं है। सांप की शादी। भूतों का हनीमून। मंगर पर पानी। सूरज की तपिश और दुनिया का नाश। हवन से बारिश। गप्पु नाचे-झमाझम। ये तमाम तमाशे पहले ही हो चुके हैं। तांत्रिकों का पाखंड। रत्नों का खेल तमाम तमाशे इस देश की जनता ने देख लिए हैं। ख़बरों को टटोलने वाले हाथ रिमोट के बटन एक-एक कर कितनी ही बार दबा लें हर नई दुकान ऐसा ही पकवान परोसे बैठे हैं। ऐसे में नया क्या है? ज़ाहिर है सवाल बेहद मुश्किल है। लेकिन एक कमाल का आइडिया एक बेहद आम और डाउन मार्केट दर्शक की जुबां ने उगला है। वो कहता है कि कोई चैनल अपने स्टूडियो में बंदर का नाच क्यों नहीं दिखा देता? मदारी के साथ बंदर का नाच..। वो भी लाइव। मजा आ जाएगा। वैसे इस डाउन मार्केट वियूवर के विचार गौर करन लायक हैं। ज़रा सोचिए...। हममें से कितने लोग आज बंदर के साथ है।
(राजेश चौहान)

Tuesday, October 21, 2008

दीवारों में कैद कुछ सपने

लखनऊ। बच्चों की यह कुछ अलग दुनिया है। यहां इन बच्चों की मासूम आंखें होली की रंगीनियां और दीपावली की चकाचौंध नहीं जानती। इनके लिये दशहरा, दीपावली और ईद बस किताबों के पन्नों में दर्ज हैं। त्यौहार के दिन इनके बाल गृह की चहारदीवारी के भीतर जो कुछ भी होता वही इनके लिये पर्व है। निराश्रित गृहों में रहने वाले बच्चों की दुनिया उनके आश्रम तक ही सिमटी हुई है। त्यौहारों पर नये कपड़े के लिये मचल उठना और मनपंसद पकवान के लिये जिद करना इन बच्चों को पता ही नहीं है।
निराश्रित गृहों में रहने वाले बच्चों की दुनिया बस एक चहारदीवारी के भीतर ही सिमटी हुई है। यहीं इन बच्चों की सुबह शुरू होती है और यहीं शाम हो जाती है। त्यौहारों की मस्ती और धमाचौकड़ी का इनकी जिदंगी में कोई मायने नहीं है। इनका बाल मन बस इतना ही जानता है कि होली हो या दीवाली उन्हें खाने के लिये रोज से हटकर कुछ अलग पकवान मिलते हैं और इस दिन पढ़ाई भी नहीं करनी पड़ती। दीपावली के दिन पटाखे और खील-मिठाई मिल जाए इसके लिये इन बच्चों को प्रार्थना करनी पड़ती है। कोई दानदाता पटाखे और खिलौने दे गया तो ये भी उसका मजा ले लेते हैं। पिछली बार कुछ लोगों ने पटाखे और मिठाइयां दीं तो उनका भी पर्व उल्लास से भर गया। इस बार दशहरे में उन्हें निराशा ही हाथ लगी। कोई उनके उल्लास को बढ़ाने नहीं आया। दशहरे के दिन ये बच्चे अपने कमरे की खिड़की पर लटक कर मेले में जाते लोगों के हुजूम को देखकर स्वयं उसमें शामिल होने की कल्पना ही करते रह गये। अब बच्चों को दीवाली का इंतजार है। छह साल की कल्पना इस बार भी पटाखे और खिलौने मिलने की बाट जोह रही है। सात साल का गौरव कहता है कि ईद और दीपावली के दिन वह लोग आपस में मौजमस्ती कर लेते है लेकिन कभी बाहर घूमने नहीं जाते। बीते दिनों वाइल्ड लाइफ वीक के दौरान चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से इन बच्चों को चिडि़याघर दिखाया गया। चिड़ियाघर घूमना इन बच्चों के लिये सपनों सरीखा था। इनमें से कुछ बच्चे ऐसे थे जिन्होंने महीनों बाद बालगृह की चौखट से बाहर कदम रखा था। उस सैर के हसीन सपने अभी भी इनके मन में तैर रहे है। वहीं राजकीय बाल गृह के अधीक्षक जयपाल वर्मा कहते हैं कि त्यौहारों के अवसर पर बच्चों के लिये विशेष प्रकार के खानपान की व्यवस्था ही जाती है लेकिन किसी प्रकार का अतिरिक्त बजट न होने के कारण इन बच्चों को घुमाने के लिये बाहर नहीं ले जाया जाता है।

सिगरेट के ख़िलाफ़ फतवा

देवबंद(सहारनपुर)। सिगरेट के हर पैकेट पर वैधानिक चेतावनी लिखी होती है, 'सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।' अब दारुल उलूम ने फतवा दिया है कि यदि सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो इसे पीना नाजायज़ है। यह फतवा कम से कम स्वास्थ्य मंत्रालय के वास्ते तो फीलगुड है।
दारुल उलूम के आनलाइन फतवा विभाग से एक व्यक्ति ने सवाल किया था कि क्या सिगरेट पीना हराम है? मैंने सुना है कि सिगरेट मुबाह है? मुफ्ती-ए-कराम ने शरीयत की रोशनी में जवाब देते हुए फतवा संख्या 796 के माध्यम से कहा कि सिगरेटनोशी अगर सेहत के लिए नुकसानदायक हो तो नाजायज है और मुजिर (नुकसानदायक) न हो तब भी बिला जरूरत सिगरेट पीना (शौकिया तौर पर) मकरूह (नापसंदीदा अमल) है।
वहीं, अन्य मुफ्ती-ए-कराम ने फतवे का समर्थन करते हुए कहा कि शरीयत के मुताबिक बिना किसी खास जरूरत शौकिया तौर पर सिगरेट या हुक्का पीना मकरूह है। इसके अलावा सिगरेट या हुक्का पीना यदि सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो तो सिगरेट, हुक्का पीना जायज नहीं है, लेकिन बहुत से मामलों में पेट संबंधी बीमारियों में हुक्का या सिगरेट पीना कारगर साबित होता है। ऐसे हालात में हकीम या चिकित्सक के परामर्श से इजाजत के बाद सिगरेट या हुक्का पीना जायज है। अब धूम्रपान करने वालों के समक्ष सवाल ये है कि वे ऐसा चिकित्सक कहां से लाएं जो धूम्रपान को स्वास्थ्य के प्रति लाभदायक बताए।

शान्ति का संदेश लेकर आए जापानी

नोएडा. दुनिया भर में शांति का संदेश देने निकला छह सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को रॉकवुड स्कूल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने यहां शांति स्तंभ की स्थापना की व बच्चों को शांति का संदेश दिया। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
शांति का संदेश देने निकले जापानी प्रतिनिधिमंडल में जापान सरकार के विभिन्न विभाग के छह लोग हैं, जिसका नेतृत्व प्रो. योशिदा कर रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल को कुल 194 देशों में शांति स्तंभ स्थापित करना है, जिसमें से सौ देशों में यह काम पूरा किया जा चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने मदर टेरेसा के आश्रम में भी शांति स्तंभ स्थापित किया है। रॉकवुड स्कूल में शांति स्तंभ की स्थापना के बाद बच्चों को दलाईलामा व जान पाल के शांति संदेश की शिक्षा भी दी गई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे प्रो. योशिदा ने कहा कि शांति स्थापना में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है उन्हें सही व अच्छी शिक्षा प्रदान की जाए।

Friday, October 17, 2008

आगरा के नए एसएसपी की मुहीम

आगरा। जिले के नवागत एसएसपी प्रेम प्रकाश ने अपने काम करने का अन्दाज़ आते ही दिखाना शुरु कर दिया है। उन्होने अपनी पहली पत्रकार वार्ता के ठीक बाद शहर के सारे थानों पर जाकर अपने आ जाने का अहसास करा दिया। यही नही फतेहपुर सिकरी क्षेत्र मे शोभा यात्रा को लेकर हगांमा कर रहे लोगों को भी खुद जाकर समझाया।
पहले दिन ही कप्तान का रुख देखकर उनके मातहत उनकी कार्यशैली को देखकर हैरान हो गये। 1993 बैच के आईपीएस प्रेम प्रकाश हमेशा से अपने बिन्दास अन्दाज़ के लिये जाने जाते है। वो बेसिक पुलिसिंग और ट्रड़िशनल पुलिसिंग के लिये भी अपनी पहचान बनायें हुये हैं। प्रदेश के कई प्रमुख शहरों मे एसएसपी रह चुके प्रेम प्रकाश अब आगरा की जनता को भयमुक्त समाज और पुलिस को उनका सहयोगी बनाने की मुहीम का आगाज़ कर चुके हैं। जिसका उदहारण पुलिस कार्यालय और थानों मे लगाये गये घण्टों को देख कर लगाया जा सकता है। ये पुलिस की एक पुरानी परम्परा है। एसएसपी ने हर आधे घण्टे पर घण्टा बजाने के आदेश भी जारी कर दिये। जो पुलिस की सजगता का प्रतीक है। उनके आदेशों के बाद आरआई रमेश चन्द इस काम क पूरा करने मे जुट गये हैं। एसएसपी कहतें है ये तो आगाज़ है अभी तो आगे-आगे देखीये होता है क्या ?

Thursday, October 9, 2008

जारी है हिरणों के मरने का सिलसिला

आगरा। सिकन्दरा मे हिरनों के मरने का सिलसिला जारी है। बुधवार की शाम भी वहां दो हिरन मरे हुये पाये गये। गौरतलब है कि इससे पहले भी लगभग एक दर्जन से ज्यादा हिरन यहां मर चुके हैं। इसके बाद से ही इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर लगातार हिरनों के मरने की वजह कौन सी बिमारी हो सकती है। लेकिन इस जांच की रफ्तार इतनी सुस्त है कि अभी तक कोई नतीजा नही निकला। और दो हिरन मौत के मुंह मे चले गये। इस मामले पर जिला प्रशासन और एएसआई लगातार नज़र रख रहे हैं। विशेषज्ञों को जांच सौंपी गयी है लेकिन रिपोर्ट कब आयेगी ये किसी को नही पता।

पुलिस के लिए चुनोती

आगरा। शहर के एक बड़े जूता व्यापारी और निर्यातक की नई सफारी कार का चोरी हो जाना पुलिस के लिये चुनौती बन गया है। शहर मे पिछले कई महिनों से वाहन चोरी की घटनाऐं हो रही हैं। लेकिन पुलिस ऐसे मामलों मे नाकाम ही दिख रही है।
तीन दिन पहले आगरा शहर के मशहूर जूता व्यापारी और निर्यातक शफीक खान अपनी नई सफारी कार को टीडीआई मॉल के बाहर पार्क करने के बाद जब दस मिनट बाद लौटकर आये तो गाड़ी वहां से गायब थी। इस बात की सूचना उन्होने तुरन्त ताजगंज थाने को दी। तब से आज तक चार दिन बीत चुके हैं पर गाड़ी का कुछ अता-पता नही है। गौरतलब है कि शफीक खान छावनी क्षेत्र के विधायक ज़ुल्फीकार अहमद भुट्टो के दोस्त और रिश्तेदार है जिसके चलते पुलिस पर खासा दबाव बना हुआ है। पुलिस के मुताबिक गाड़ी की बरामदगी करने के लिये एसओजी की टीम को लगाया गया है।

Tuesday, October 7, 2008

सो गया "जागता शहर"

आगरा। यंहा से प्रकाशित होने वाली साप्ताहिक पत्रिका "जागता शहर" के सम्पादक अनिल शुक्ला ने तीसरे अंक के प्रकाशन से पहले ही इस्तीफा दे दिया। इसके पीछे की वजह गैरसम्पादकीय विभागों का उनके काम मे हस्तक्षेप करना बताया जा रहा है। हालाकि वहां पर चल रही अन्दरुनी राजनीति भी इसका कारण हो सकती है।
हाल ही में आगरा के एक कालीन व्यवसाई नवल किशोर पाड़ें और अशोक पांड़े ने मिलकर ऑफबीट मीड़िया ग्रुप बनाया और इसी के बैनर तले इस पत्रिका का प्रकाशन शुरु किया था। लेकिन टीम के नाम पर उनके पास कुछ माह पहले अमर उजाला से निकाले गये जय प्रकाश त्रिपाठी और दैनिक जागरण से बाहर किये गये अमी आधार निड़र हैं। ये दोनों ही अपनी कारगुज़ारियों के चलते आगरा की मीड़िया मे चर्चित रहते हैं। शुक्ला जी इन दोनों की दखल अन्दाज़ी से परेशान चल रहे थे। गौरतलब है कि इस पत्रिका को शुरु करने का आईडिया अनिल शुक्ला के पास काफी समय से था। जानकारों का कहना है कि किसी भी पत्रिका या पत्र को चलाने के लिये समाचार सामग्री के साथ-साथ अच्छी छवि के पत्रकार भी ज़रुरी होते हैं। आगरा के पत्रकारों के मुताबिक "जागता शहर" जागने से पहले ही सो गया।

Sunday, October 5, 2008

राज ने थामा कांग्रेस का हाथ

आगरा। अभिनेता, सांसद राज बब्बर आज अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने आगरा के तारघर मैदान में आयोजित एक रैली में पार्टी में आने की घोषणा की। इस रैली के माध्यम से राज बब्बर ने एक बार फ़िर अपनी ताक़त के अहसास कराया।
सुबह से ही उनके समर्थक तारघर मैदान में जमा होने लगे थे। भारी भीड़ देखकर कांग्रेस की प्रदेश प्रमुख रीता बहुगुणा और पार्टी प्रभारी दिग्विजय सिंह भी खास उत्साहित नज़र आ रहे थे। दोनों नेताओं ने रैली के दोरान पार्टी और राज बब्बर की तारीफों के पुल बांधे।
राज बब्बर ने भी कांग्रेस की तारीफ करने में कोई कसर नही छोड़ी। सपा का दमन छोड़ने के बाद से ही राज बब्बर किसी सही मौके का इंतज़ार कर रहे थे जो उन्हें कांग्रेस ने दे दिया। आगरा लोक सभा आरक्षित हो जाने के बाद राज बब्बर अब फतेहपुर सिकरी से अपनी किस्मत आजमाएंगे। उनका कडा मुकाबला भाजपा के पूर्व विधायक अरिदमन सिंह से माना जा रहा है। बहरहाल रैली तो सफल हो गई लेकिन राज बब्बर को चुनाव में सफलता मिलेगी या नही ये बात ज़्यादा अहम् होगी।

Saturday, October 4, 2008

जायें तो जायें कहां........


आगरा। बेपनाह मौहब्बत की अनमोल निशानी ताजमहल..... एक शंहशाह की प्यार की निशानी ताजमहल..... जो हर पल याद दिलाता है मौहब्बत के उस जज़्बे की जिसकी खातिर शाहजंहा ने दुनिया को ताजमहल की शक्ल मे एक शाहकार दिया। पूरी दुनिया मे ताज को मौहब्बत की मिसाल माना जाता है। लेकिन कोई सोच भी नही सकता कि आज ताजमहल की वजह से कई हजार लोग परेशान हो रहें हैं।
दरअसल, ताजगंज के आस-पास इस परेशानी का आगाज़ रात मे ताज को खोले जाने से शुरु हुआ। ताजमहल को रात मे खोले जाने के लिये तीन साल पहले प्रशासन ने कड़ी मशक्कत की। नतीजन सुप्रीम कोर्ट ने कुछ कड़ी शर्तों के साथ ताज को रात मे खोले जाने की इजाज़त दे दी। आगरा पुलिस और प्रशासन के लिये भी ये किसी चुनौती से कम नही है। सुप्रीम कोर्ट ने सबसे अहम शर्त सुरक्षा को लेकर रखी थी। स्थानीय पुलिस, प्रशासन और ताज की आन्तरिक सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाली सीआईएसएफ ने इसका खाका तैयार किया। इस योजना के तहत रात के वक्त ताज खुलने पर पूर्वी गेट से दशहरा घाट और प्रचीन मन्दिर को तरफ जाने वाले रास्ते को चार घण्टे के लिये पूर्वी तरह से बन्द किये जाना शामिल है। ताज के पूर्वी गेट के पार रहने वालों के लिये हर माह रात मे पांच दिन ताज खुलना बड़ी परेशानी का सबब बन गया। जब इस योजना पर अमल शुरु किया गया तो उन चार घण्टो के दौरान दशहराघाट प्राचीन मन्दिर, हजरत अहमद बुखारी की दरगाह, अहमद बुखारी कब्रिस्तान, राजीव नगर, वासुदेव कॉलोनी, फोरेस्ट कॉलोनी, जालमा कुष्ठ आश्रम के अलावा ग्राम नगला पैमा, गढी बंगज और नगला कल्फी का आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से बन्द होने लगा है। इन जगहो पर रहने वालों की तादाद लगभग पन्द्रह हजार है। रास्ता बन्द किये जाने से ये लोग एक बन्धक की तरह हो जाते हैं। इन इलाकों मे जाने के लिये कोई और वैकल्पिक मार्ग भी नही है। इस परेशानी को लेकर कई बार प्रभावित लोगों ने आवाज़ उठाई लेकिन कोई नतीजा नही निकला।
पिछले तीन सालों मे आगरा की पर्यटन विकास समिति और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस परेशानी को लेकर आवाज़ बुलन्द की पर हर बार सिवाय आश्वासनों के उन्हे कुछ नही मिला। समिति के अध्यक्ष एंव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैय्यद इब्राहिम जै़दी कहते है कि उन्होने पहले दिन से ही इस मामले को लेकर अधिकारियों से बात की थी। तब भी उन्हे केवल आश्वसन मिला था और आज भी हालात जैसे के तैसे है। इस समस्या के चलते कई बार हालात बड़े संगीन हो जाते है। सुरक्षा कारणों से ना तो फोर व्हीलर और ना ही टू व्हीलर इस इलाके मे नही जा सकते। यहां तक कि रिक्शा, साईकिल और पैदल व्यक्ति भी उस चार घण्टे के दौरान वहां से नही जा सकते। जैदी के नेतृत्व मे पूर्वी गेट मार्ग की जगह एक वैकल्पिक मार्ग बनाये जाने की मांग भी लम्बे समय से की जा रही है। जै़दी के मुताबिक दिन मे भी बिना पास के कोई वाहन इस रास्ते से नही गुज़र सकता। यही नही बल्कि स्कूल रिक्शा, पानी के टैंकर, दूध सप्लाई वाले वाहन या ज़रुरत की सामान ले जाने वाले अन्य वाहन भी इस इलाके मे नही आ-जा सकते। जिस वजह से कई तरह की दिक्कतें पेश आती हैं। ताजगंज निवासी रामप्रकाश बघेल के मुताबिक उस चार घण्टे के दौरान और कई बार दिन मे भी चिकित्सा सुविधा से वंचित रह जाने के कारण कई लोग मौत के मुंह मे भी जा चुके हैं। लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नही रेंगती।
रात मे ताज के दिदार करने वालों की संख्या अब केवल नाम मात्र की रह गयी है लेकिन इन्तज़ाम चार घण्टे के लिये ही किये जाते है। सैकंड़ो पुलिसकर्मी इस दौरान शिल्पग्राम से लेकर ताज के पूर्वी गेट तक तैनात किये जाते हैं। सुरक्षा का आलम ये होता है कि परिन्दा भी पर ना मार सके। लेकिन इस बीच पूर्वीगेट के पार रहने वाले लोग चाहें लुटे या मरे लेकिन वो इस रास्ते से पार नही जा सकते। दशहरा घाट प्राचीन मन्दिर के पुजारी बताते हैं कि कई बार तो ऐसा होता है कि इस पार के लोग अन्तिम संस्कार के लिये शव लेकर जा रहे है लेकिन रास्ता बन्द होने की वजह से उन्हे घण्टो इन्तज़ार करना पड़ता है। उनके मुताबिक आगरा प्रशासन ने बिना सोचे समझे ये रास्ता बन्द किये जाने की योजना बना ड़ाली। जिसका खामियाज़ा हम लोग भुगत रहे हैं।
आगरा प्रशासन के अधिकारी पूछे जाने पर बताते हैं कि इस समस्या पर विचार कर योजना बनाई जा रही है। जिसके तहत जल्द ही एक वैकल्पिक मार्ग बनाया जायेगा जो इन लोगों की परेशानी को दूर करेगा। इस मार्ग को बनाये जाने का प्रस्ताव पास तो हो गया है लेकिन ये मार्ग कब बनेगा इसका जवाब फिलहाल इन अधिकारियों के पास नही है। यहां के जनप्रतिनिधियों के पास भी इस मामले को लेकर कोई खास जवाब नही है। स्थानीय विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो हर बार परेशान लोगों को जल्द ही रास्ता बना लिये जाने का आश्वासन दे रहे हैं। पर रास्ता बनना कब शुरु होगा ये उन्हे भी नही पता। पिछले तीन साल ये मामला लगातार सुर्खीयों मे रहा है लेकिन इस परेशानी से दो-चार हो रहे लगभग पन्द्रह हज़ार लोग अभी तक उस राह की बाट जोह रहे है जो उनको नया रास्ता दिखायेगी।

आँखे बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

पटियाला। पंजाब के पटियाला शहर में एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जो पोस्‍टमार्टम के लिए आए शवों की आंखें निकालकर उन्‍हें बेच देता था। यह गौरखधंधा पटियाला शहर के एक चैरिटीबल अस्‍पताल में चल रहा था। यहां जो शव पोस्‍टमार्टम के लिए लाए जाते थे, उनकी आंखें निकाल ली जाती थीं। बाद में इन्‍हें बेच दिया जाता था।
पंजाब पुलिस को जब इस बात की जानकारी मिली तो उसने अस्‍पताल पर छापा मारा। इस सिलसिले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो डॉक्‍टर भी शामिल हैं। बताया जाता है कि इस गिरोह में शामिल एक ड्राइवर आंखों को बेचता था। पुलिस का कहना है कि इस धंधे में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।

Friday, October 3, 2008

शीला के बयान पर बवाल

दिल्ली। युवा टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सौम्या की हत्या पर दुख प्रकट किया लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि "बहुत ज्यादा साहस दिखाना अच्छा नहीं है."
उन्होंने कहा, "लोगों को इतना एडवेंचरस नहीं होना चाहिए, मुझे उनके परिवार के बारे में सोचकर बहुत बुरा लग रहा है, जाँच अभी चल रही है. वो एक ऐसे शहर में सुबह के तीन बजे अकेले गाड़ी चलाकर जा रही थी जहाँ रात के अंधेरे में महिलाओं का निकलना बहुत सुरक्षित नहीं माना जाता, मुझे लगता है कि हमें थोड़ा एहतियात बरतना चाहिए. मैं सचमुच बहुत दुखी हूँ"
मंगलवार की सुबह 26 वर्षीय सौम्या की दिल्ली में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, वे टीवी टुडे के चैनल हेडलाइंस टुडे की पत्रकार थीं। हेडलाइंस टुडे से पहले वे सीएनएन आईबीएन में भी काम कर चुकी थीं.
शीला दीक्षित के इस बयान के बाद कई संगठनों ने ज़ोरदार विरोध प्रकट किया है, लोगों ने कई वेबसाइटें बनाई हैं जिन पर सौम्या के क़ातिल को पकड़ने और उनके परिवार को न्याय दिलाने की माँग की जा रही है. वे सोमवार की देर रात तक दफ़्तर में काम कर रही थीं, मालेगाँव और मोडेसा के धमाकों पर रिपोर्ट तैयार करते-करते उन्हें काफ़ी देर हो गई थी. वे मध्य दिल्ली के अपने दफ़्तर से अपने घर वसंत कुंज जा रही थीं जो दक्षिण दिल्ली में है. सौम्या ने हत्या से ठीक पहले सवा तीन बजे अपने पिता से फोन पर बात की थी और उनसे कहा था कि वे जल्द ही घर पहुँचने वाली हैं. पुलिस को ड्राइवर वाली सीट पर सौम्या अचेत अवस्था में मिलीं, उनके सिर में गोली लगी थी और अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है लेकिन हत्या की वजह या हत्यारे के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है. उनकी गाड़ी में संघर्ष के निशान दिखाई पड़ रहे थे और उनकी कार का एक टायर भी पंचर हो गया था, कार की ट्यूब में से पुलिस ने एक गोली बरामद की है. दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त एचएस धालीवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि वे इस हत्या की गुत्थी को जल्द ही सुलझाए जाने की उम्मीद करते हैं.
साभार- बीबीसी

RAWA News