Wednesday, December 31, 2008

अलविदा 2008


साल 2008 का अन्तिम सूर्यास्त
जैसे कह रहा हो :-




सूरज हूँ ज़िन्दगी की रमक छोड़ जाऊँगा,

मैं डूब भी गया तो शफक छोड़ जाऊँगा।

Sunday, December 28, 2008

एनसी कश्मीर की सबसे बड़ी पार्टी बनी

जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम और रुझानों के मुताबिक़ फ़ारुक़ अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस विधानसभा में सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में सामने आई है। फारुक़ अब्दुल्ला के पुत्र और पार्टी के वरिष्ठ नेता उमर अब्दुल्ला ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि वे कांग्रेस के समर्थन से सत्ता में आने के लिए तैयार हैं।
मुफ़्ती मोहम्मद सईद और महबूबा मुफ़्ती के नेतृत्व वाली पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। जब उमर अब्दुल्ला से पूछा गया कि वे किन दलों से गठबंधन के बारे में सोच रहे हैं तो उन्होंने कहा, "सबसे पहले हम बता दें कि भाजपा के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं हो सकता उसके अलावा हम बाक़ी सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार हैं।" उमर अब्दुल्ला ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी पीडीपी के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में कहा कि इसकी गुंजाइश बहुत कम है क्योंकि पीडीपी एक "अवसरवादी पार्टी है और उन्हें कुछ समय विपक्ष में बैठकर समझना चाहिए कि राजनीति क्या होती है।"
कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने के बारे में क्या सोचती है। अब तक प्राप्त परिणामों और रुझानों के अनुसार 87 सीटों में से नेशनल कॉन्फ्रेंस को 27, पीडीपी को 22, कांग्रेस को 17, भाजपा को 11, निर्दलीय और छोटे दलों को 10 सीटें मिलने वाली हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस मिलकर 87 सदस्यों वाली विधानसभा में साधारण बहुमत तक पहुँच जाएँगे। राज्य में अब तक के इतिहास में सबसे लंबी चुनाव प्रक्रिया में सात चरणों में मतदान हुए। अलगाववादियों की ओर से चुनाव बहिष्कार के आह्वान के बावजूद रिकॉर्ड संख्या में लगभग 62 फ़ीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भाजपा ने पिछले चुनाव से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है।

शिक्षकों को सम्मान, छात्रों को पुरुस्कार


आगरा। ब्राइट आर्गेनाइजेशन ऑफ यूथ के 14वें शिक्षक सम्मान समारोह मे उत्तर भारत के कई शिक्षकों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। समारोह मे शहर के अनेक छात्र-छात्राओं को उनकी योग्यता के लिये पुरुस्कृत किया गया।
सूरसदन मे आयोजित इस समारोह के दौरान नोएड़ा के शिक्षाविद प्रो. प्रदीप माथुर, के.आर. कॉलेज मथुरा के हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. हिमान्शु चर्तुवेदी, एम.जी. काशी कॉलेज के प्रो. अनिल कुमार और राजीव जैन समेत कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्कूलों को दिये जाने वाले पुरुस्कारों मे बी.एम.राय स्कूल, सेन्ट कॉनरेड़, क्यूवी आदि स्कूलों का बोलबाला रहा। सम्मानित किये गये छात्र-छात्राओं मे अलीशा जै़दी, अर्श आदि के अलावा करीब 550 बच्चों को पुरुस्कृ़त किया गया। ये पुरुस्कार बच्चों को एकल नृत्य प्रतियोगिता, चित्रकला और फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता के लिये दिये गये। समारोह का संचालन नेहा माथुर और सुयशि प्रसाद ने सामुहिक रुप से किया। कार्यक्रम के अन्त मे संस्थाध्यक्ष डा. मोहित पी. माथुर ने सभी को आभार व्यक्त करते हुये इस तरह के कार्यक्रम निरन्तर आयोजित किये जाने पर ज़ोर दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या मे छात्र-छात्राऐं और उनके अभिभावक भी मौजूद थे।

Thursday, December 25, 2008

मायावती ने किया सीबीआई जांच से इनकार

लखनऊ। ओरैया ज़िले में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर मनोज गुप्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दिये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में इलाक़े के विधायक शेखर तिवारी को भी अभियुक्त बनाया गया है। शेखर तिवारी सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी के विधायक हैं। बुधवार शाम पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार भी कर लिया है। शेखर तिवारी पर कई अपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
मृत इंजीनियर के रिश्तेदारों ने पत्रकारों को बताया कि विधायक शेखर तिवारी काफ़ी दिनों से उनसे दस लाख रुपये चंदा मांग रहे थे। मंगलवार रात विधायक और उनके कुछ साथी औरैया में गैस अथॉरिटी की आशियाना कॉलोनी स्थित उनके घर गए। इन लोगों ने घर का दरवाजा तोड़कर इंजीनियर की पत्नी को बाथरूम में बंद कर दिया और इंजीनियर को मारा-पीटा। उन्हें बिजली के झटके भी दिए गए। विधायक और उनके समर्थकों ने अधमरी हालत में इंजीनियर को गाड़ी पर लाद कर पुलिस थाने पहुँचा दिया। पुलिस जब इंजीनियर को अस्पताल ले गई तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस बीच समाजवादी पार्टी के आह्वान पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश बंद का आह्वान किया गया है। राजधानी में इस हत्याकाण्ड का विरोध कर रहे सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया। इसी तरह सपा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कई जिलों मे विरोध प्रदर्शन किये।
उधर इस मामले से सकते मे आयी मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि विपक्ष इंजीनियर की हत्या को उनके जन्मदिन से जोड़कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
मायावती ने इंजीनियर की हत्या की जाँच सीबीआई से कराने की मांग को ठुकरा दिया। मायावती ने कहा, "सीबीआई जाँच की क्या आवश्यकता है। मेरे आदेश पर पुलिस ने इस मामले में सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है।"

Saturday, December 20, 2008

पुलिस कांउसलर हुये सम्मानित

आगरा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार संचालित किये जा रहे है परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों को उनके सराहनीय कार्य के लिये एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में गरीब, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को सिलाई मशीनें भी प्रदान की गयी। कार्यक्रम के दौरान बढते घरेलू हिंसा के मामलों पर रोक लगाने पर ज़ोर दिया गया।
आगरा के पोरवाल भवन मे एक स्थानीय संस्था द्वारा आयोजित सम्मान समारोह मे परिवार परामर्श केन्द्र के अध्यक्ष एंव पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद ने कहा कि घरेलू झगड़ो के पीछे एक बड़ा हाथ घर की बड़ी-बूढी महिलाओं का भी होता है। इसलिये ये ज़रुरी हो जाता है कि केन्द्र के सदस्य पति-पत्नी के अलावा दोनों पक्षों की महिलाओं को भी खास कांउसलिंग दें ताकि घरेलू विवाद थाने या अदालत तक ना जाकर घर की चारदिवारी मे ही निपट जायें। उन्होने अपने कार्यकाल के दौरान शुरु किये गये प्रोजेक्ट दीदी के बारे मे भी लोगों को जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक (नगर) ड़ा. बी.पी.अशोक ने कहा कि दुनियाभर मे 90 प्रतिशत शादियां लव मैरिज होती हैं जबकि भारत मे ये औसत केवल 10 फिसदी है उसके बावजूद हमारे देश मे घरेलू झगड़े और विवाद ज़्यादा होते हैं। इसके बारे मे हमे खुले मंच पर बहस करनी चाहिये। उन्होने केन्द्र के सदस्यों को कठिनटास्क का प्रशिक्षण दिये जाने की वकालत करते हुये अन्तर्राजातीय और अन्तरधार्मिक विवाह किये जाने पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के सदस्य अन्जलि वर्मा, आरजे अखलाख अहमद, सुरेखा खत्री आदि ने भी अपने अनुभव लोगों के साथ बांटे। इसके बाद सिलाई मशीनें बांटी गयी और केन्द्र के सभी 50 सदस्यों और पुलिसकर्मीयों को मंच पर बुलाकर कर सम्मानित किया गया। जिनमें सोशल वर्कर सैय्यद इब्राहिम हुसैन ज़ैदी, प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, गौरव गुप्ता, रानी गुप्ता, मंजुला सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता इसरार हुसैन, अनुवादक गुलफाम अहमद, अरुणा सिंह, विमला राठौर, लाली यादव और हाजी जमीलुद्दीन के नाम प्रमुख हैं।

चन्द्रयान पूरी तरह दुरुस्त

बंगलुरु। चांद पर भेजे गये भारतीय अंतरिक्ष खोजीयान चंद्रयान मे आयी तकनीकी खामी को दूर कर लिया गया है। इसरों से जुड़े वैज्ञानिकों के मुताबिक ये एक बड़ी समस्या थी जिसको सावधानी पूर्वक ठीक कर दिया गया है। अब यान को कोई खतरा नही है। गौरतलब है कि चंद्रयान तेज़ी से गर्म होने लगा था जिससे उसमें बड़ी गड़बड़ी होने का ख़तरा पैदा हो गया था लेकिन अब उसे दुरुस्त कर लिया गया है.
वैज्ञानिकों ने बताया कि मानवरहित चंद्रयान अब बिल्कुल अच्छी तरह से अपना काम कर रहा है। भारत ने चंद्रयान का प्रक्षेपण 22 अक्तूबर को किया था, नवंबर महीने के पहले सप्ताह में चंद्रयान अपनी कक्षा में पहुँच गया था। चंद्रयान का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था जिससे लगने लगा था कि पूरा मिशन नाकाम हो जाएगा। चंद्रयान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम अन्नादुरै ने मीड़िया को बताया, "हमने कई क़दम उठाए जिनकी वजह से तापमान अब सुरक्षित सीमा के भीतर 40 डिग्री तक आ गया है. चंद्रयान पर मौजूद सभी 11 उपकरण अच्छी तरह काम कर रहे हैं।" गर्मी पैदा होने के बाद चंद्रयान के कई उपकरणों को बंद करना पड़ा और चंद्रयान की स्थिति में 20 डिग्री का परिवर्तन किया गया।
एम अन्नादुरै के मुताबिक "अब चंद्रयान को वापस उसकी पुरानी स्थिति में ले आया गया है।" चंद्रयान का उद्देश्य चंद्रमा की सतह के विस्तृत नक्शे तैयार करना है. चंद्रयान पानी के अंश और हीलियम की भी तलाश करेगा। चंद्रयान को भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस यान के अब तक कई परीक्षण किए गए हैं और वैज्ञानिक उसके प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं, चंद्रयान अपनी यात्रा शुरू करने के सप्ताह भर बाद से धरती की तस्वीरें नियंत्रण कक्ष को भेज रहा है। चंद्रयान पर कुल 11 वैज्ञानिक उपकरण हैं जिनमें से छह विदेशी एजेंसियों के हैं. दो अमरीकी, तीन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एक बुल्गारिया का उपकरण चंद्रयान पर है, बाक़ी के पाँच उपकरण भारतीय हैं जिन्हें इसरो ने तैयार किया है। इस अभियान को लेकर सभी वैज्ञानिक खासे उत्साहित हैं।

Sunday, December 14, 2008

बिछड़े दिलों को मिला रही है पुलिस

आगरा। अपराधियों पर अंकुश लगाने वाली पुलिस अब बिछड़े दिलों को मिलाने का काम भी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानुसार आगरा पुलिस ने भी घरेलू मामलों को थाने की चारदिवारी के बाहर निपटाने की कवायद ज़ोरशोर से शुरु कर दी है। पिछले चार हफ्तों से पुलिस लाईन मे परिवार परामर्श केन्द्र संचालित किया जा रहा है। जिसमें कई बिछड़े जोड़ों को फिर से एक कर दिया गया।
आगरा के पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद की अध्यक्षता मे शुरु किया गया केन्द्र अब एक बड़े परिवार का रूप ले चुका है। जनपदभर से आये घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों को निपटाने के लिये 50 सदस्यों की एक टीम तैयार की गयी है। जिसमे शहर के चुनिन्दा लोगों को शामिल किया गया है जो ऐसे लोगों को कांउसलिंग दे सकें। केन्द्र के सभी सदस्यों को कांउसलिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। हर रविवार को लगने वाले कांउसलिंग शिविर मे परिवारों को एक करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। अदालत मे विचाराधीन मामलों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। पुलिस अधीक्षक अशफाक अहमद इस तरह के केन्द्र चलाने मे माहिर माने जाते हैं। गौरतलब है कि अपने एटा कार्यकाल के दौरान उन्होने प्रोजेक्ट दीदी के माध्यम से इस तरह के मामलों को निपटाने का नया कीर्तिमान स्थापित किया था। अभी तक लगभग एक दर्जन से अधिक जोड़ों मे समझौता कराया गया है। इसकी सफलता के चलते इसमे आने वाले मामलों मे हर सप्ताह बढोत्तरी हो रही है और थानों के साथ-साथ अदालतों का बोझ भी कम होता जा रहा है। आगरा परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों मे प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, पर्यटन एंव समाजसेवी सैय्यद इब्राहिम हुसैन जै़दी, आरजे अखलाक अहमद, महिला कार्यकर्ता सरोज गौड़, गौरव गुप्ता, एड़वोकेट अंजलि, मंजू गुप्ता, इसरार हुसैन, विनय पुरवाल, हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, मुकेश गुप्ता, सुरेखा खत्री, रानी गुप्ता और मंजुला सिंह आदि के नाम प्रमुख है।

Wednesday, December 3, 2008

इस्लाम मे आतंक के लिये कोई जगह नही

आगरा। मौहब्बत के शहर आगरा के मुसलमान भी मुम्बई हमले के आतंकियों को मुसलमान नही मानते। शहर के मुस्लिम लोगों का कहना है कि इन लोगों को दफनाने के लिये हमारे मुल्क मे जगह नही दी जानी चाहिये।
ताजमहल की शाही मस्जिद के सदर और सामाजिक कार्यकर्ता सैय्यद इब्राहिम हुसैन ज़ैदी बेबाकी के साथ कहते हैं कि इस्लाम में हिंसा और आतंक के लिये कोई जगह ही नही है तो फिर बेगुनाहों का कत्ल करने वाले मुसलमान कैसे हो सकते हैं? और जो मुसलमान है ही नही तो उसे दफनाने की बात तो दूर जनाज़े की नमाज़ पढाने का भी सवाल नही उठता। इस्लाम धर्म सिर्फ आपसी भाईचारे और प्यार का पैगाम देता है। यही इस मजहब की बुनियाद है।
ज़ैदी बताते हैं कि इस्लाम कहता है जो इसांन अपने मुल्क का वफादार नही वो मुसलमान हो ही नही सकता। हिन्दुस्तान के मुसलमान हमेशा इस तरह की हरकतों और हमलों के खिलाफ रहें हैं और रहेगें। उनके मुताबिक मुम्बई के उलेमाओं और इमामों का फैसला बिल्कुल सही है।
ग्यारहवीं के छात्र इमरान हुसैन का कहना है कि आतंक फैलाने वाले इस तरह के लोगों को अपने मुल्क की ज़मीन मे जगह ना दिये जाना एक ऐसा फैसला है जिस पर किसी भी मुसलमान को एतराज नही होगा। इमरान कहते हैं कि उन्हे जब इस तरह की घटनाऐं देखने और सुनने को मिलती हैं तो बड़ा अफसोस होता है। वो केवल देश मे अमन और शांति चाहते हैं।

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