Monday, January 12, 2009

कभी भी इस्तीफा दे सकतें हैं सोरेन

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन पर इस्तीफ़े का दबाव बढ़ गया है। ऐसे संकेत हैं कि सोमवार के बाद शिबू सोरेन कभी भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे सकते हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है और न ही रविवार तक मुख्यमंत्री की ओर से राजभवन से मिलने का समय लिया गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन के मुख्यमंत्री पद छोड़ने की स्थिति में चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं लेकिन इस पर अब तक सहमति नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री को लेकर राजधानी राँची में बैठकों का सिलसिला रविवार को चलता रहा। शिबू सोरेन कांग्रेस, लालू यादव के राष्ट्रीय जनता दल और निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे।
आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राना ने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री का फ़ैसला झारखंड मुक्ति मोर्चा की बैठक में नहीं तय हो सकता है, ये यूपीए की बैठक में तय होगा। दरअसल, झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन विधानसभा उपचुनाव में हार गए थे। तमाड़ विधानसभा क्षेत्र से उन्हें झारखंड पार्टी के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण पतार ने नौ हज़ार से ज़्यादा मतों से हरा दिया था। शिबू सोरेन के लिए ये ज़बरदस्त झटका माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री बनने के बाद छह महीनों के भीतर उन्हें विधानसभा का सदस्य बनना ज़रूरी है।

RAWA News