Friday, March 20, 2009

55 लाख डॉलर में नीलाम हुआ ऐतिहासिक कालीन

सऊदी अरब। डेढ़ सौ साल पहले मदीना में पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब के मक़बरे को सजाने के लिए तैयार किया गया कालीन दोहा में हुई एक नीलामी में क़रीब 55 लाख डॉलर में नीलाम हो गया। पहले माना जा रहा था कि यह नीलामी क़रीब 45 लाख डॉलर से नीलामी शुरू की गई।
गुजरात के बड़ौदा में बने इस कालीन की ख़ासियत यह है कि इसे लगभग बीस लाख असली मोतियों से सजाया गया है इसीलिए इसे पर्ल कार्पेट का नाम दिया गया है। 'बसरा मोती' नाम से जाने जाने वाले छोटे प्राकृतिक मोतियों को ईरान की खाड़ी से निकाला गया था। इसके अलावा इसमें हीरा, नीलम, माणिक और पन्ना जैसे सैकड़ों क़ीमती रत्न भी जड़े हैं। इसे सजाने के लिए सोने का भी प्रयोग किया गया है। 1860 के अंत में बने इस कालीन में लाल और नीला रंग प्रमुखता में है और इसमें घुमावदार बेलबूटे बने हुए हैं। एएफ़पी समाचार एजेंसी ने नीलामी कराने वाली कंपनी सॉदबी के प्रवक्ता हबीब बाशा के हवाले से कहा, "हमें 45 लाख डॉलर से नीलामी शुरू करनी पड़ी और पर्ल कार्पेट कमीशन और फ़ीस समेत 54.58 लाख डॉलर में बिक गया।" बाशा ने कहा, "ख़रीदार की पहचान को ज़ाहिर नहीं किया जा रहा है क्योंकि वे ग़ुमनाम रहना चाहते हैं।" कहा जाता कि पर्ल कार्पेट को बड़ौदा के महाराजा गायकवाड़ खांडेराव ने मदीना में पैगंबर हजरत मोहम्मद साबह के मक़बरे को सजाने के लिए एक उपहार के तौर पर तैयार करवाया था। लेकिन महाराजा की मृत्यु हो जाने के कारण यह कभी मदीना पहुँच ही नहीं सका और भारत में ही रह गया। कोई सौ साल पहले तक इसे प्रदर्शनियों में रखा जाता था। बाद में, राजपरिवार का एक सदस्य इसे लेकर मोनैको चला गया।

RAWA News