लंदन। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जी-20 मे पत्रकारों से कहा है कि अमरीका और भारत आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए एक साथ आगे आने पर सहमत हुए हैं। प्रधानमंत्री ने यह बात अमरीकी राष्ट्रपति से लंदन में हुई मुलाक़ात के बाद कही। भारतीय प्रधानमंत्री और अमरीकी राष्ट्रपति की यह पहली मुलाक़ात थी। भारतीय प्रधानमंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद से दोनों देशों को एकसाथ मिलकर लड़ना होगा। मुलाक़ात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, दक्षिण एशिया की ताज़ा स्थितियों के सकारात्मक तरीकों से समाधान और इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, "हमारे बीच वैश्विक स्तर की रणनीतिक साझेदारी बनी है। हम दोनों इस संभावना को भी स्वीकारते हैं कि आने वाले दिनों में हमारे संबंध और भी गहरे होंगे और हम अधिक स्थाई और उपयोगी साझेदारी की ओर बढ़ेंगे।" मुलाक़ात के बाद पत्रकारों के साथ एक लंबी बातचीत में मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत दुनिया के मंच पर एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्वीकार किया जा रहा है और ऐसे में भारत आर्थिक संकट की स्थितियों और इससे निकलने के सम्मिलित प्रयासों के प्रति गंभीर है। इसी मंच से प्रधानमंत्री ने दोहराया कि पाकिस्तान को वो सभी क़दम उठाने होंगे जो कि मुंबई में पिछले वर्ष नवंबर में हुए आतंकवादी हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा देने के लिए उठाए जाने चाहिए। उन्होने कहा कि विश्व मे आतंकवाद को बढावा देने वालों के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होकर कार्यवाही करनी चाहिये।
Friday, April 3, 2009
आतंकवाद से मिलकर लड़ने पर सहमति
लंदन। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जी-20 मे पत्रकारों से कहा है कि अमरीका और भारत आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए एक साथ आगे आने पर सहमत हुए हैं। प्रधानमंत्री ने यह बात अमरीकी राष्ट्रपति से लंदन में हुई मुलाक़ात के बाद कही। भारतीय प्रधानमंत्री और अमरीकी राष्ट्रपति की यह पहली मुलाक़ात थी। भारतीय प्रधानमंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद से दोनों देशों को एकसाथ मिलकर लड़ना होगा। मुलाक़ात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, दक्षिण एशिया की ताज़ा स्थितियों के सकारात्मक तरीकों से समाधान और इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, "हमारे बीच वैश्विक स्तर की रणनीतिक साझेदारी बनी है। हम दोनों इस संभावना को भी स्वीकारते हैं कि आने वाले दिनों में हमारे संबंध और भी गहरे होंगे और हम अधिक स्थाई और उपयोगी साझेदारी की ओर बढ़ेंगे।" मुलाक़ात के बाद पत्रकारों के साथ एक लंबी बातचीत में मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत दुनिया के मंच पर एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्वीकार किया जा रहा है और ऐसे में भारत आर्थिक संकट की स्थितियों और इससे निकलने के सम्मिलित प्रयासों के प्रति गंभीर है। इसी मंच से प्रधानमंत्री ने दोहराया कि पाकिस्तान को वो सभी क़दम उठाने होंगे जो कि मुंबई में पिछले वर्ष नवंबर में हुए आतंकवादी हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा देने के लिए उठाए जाने चाहिए। उन्होने कहा कि विश्व मे आतंकवाद को बढावा देने वालों के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होकर कार्यवाही करनी चाहिये।

