नीमरोज़। अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान ने एक युवा प्रेमी युगल की सार्वजनिक रूप से हत्या कर दी। उनका आरोप था कि प्रेमी युगल अवैध संबंध बनाने की कोशिश कर रहे था। दक्षिण पश्चिम प्रांत नीमरोज़ की एक मस्जिद के सामने 21 वर्षीय युवक और 19 वर्षीया युवती को गोली मार कर मौत की नींद सुला दिया गया। प्रांत के राज्यपाल ग़ुलाम दस्तग़ीर आज़ाद ने समाचार एजेंसीयों से कहा कि इस्लाम की बेइज़्ज़ती की बात कहते हुए स्थानीय धार्मिक नेता ने फ़तवा जारी किया और उसकी वजह से ये हत्याकाण्ड हुआ। आज़ाद ने कहा, "एक अविवाहित युवक और एक अविवाहित युवती एक दूसरे से प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे लेकिन उनके परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं थे इसलिए वे भाग निकले।" अधिकारियों का कहना है कि जब वे ईरान जाने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें तालेबानी आतंकवादियों ने ढूँढ़ निकाला। उन्हें जबरन ख़ाश रॉड ज़िले में अपने गाँव वापस आने को मजबूर कर दिया। आज़ाद ने कहा, "तीन तालेबानी मुल्ला उन्हें स्थानीय मस्जिद लेकर आए और एक फ़तवा जारी किया कि उन्हें मार दिया जाना चाहिए। इसके बाद मस्जिद के सामने सार्वजनिक रूप से गोली मार कर उनकी हत्या कर दी गई।" उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ रिपोर्ट मिली हैं कि प्रेमी जोड़े के परिवारों के तालेबान के साथ संबंध हो सकते हैं। इस मुद्दे पर तालेबान से बात नहीं हो सकी। जानकारों का कहना है कि यह हत्या दूरस्थ और ऐसी ख़तरनाक जगह पर हुई जहाँ तक सरकार की भी पहुँच नहीं है। गौरतलब है कि तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान में 1996 से लेकर 2001 तक शासन किया है और इस बीच उन्होंने वहाँ इस्लामी शरिया क़ानून लागू किया था।
Tuesday, April 14, 2009
तालेबान ने प्रेमी युगल को मौत के घाट उतारा
नीमरोज़। अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान ने एक युवा प्रेमी युगल की सार्वजनिक रूप से हत्या कर दी। उनका आरोप था कि प्रेमी युगल अवैध संबंध बनाने की कोशिश कर रहे था। दक्षिण पश्चिम प्रांत नीमरोज़ की एक मस्जिद के सामने 21 वर्षीय युवक और 19 वर्षीया युवती को गोली मार कर मौत की नींद सुला दिया गया। प्रांत के राज्यपाल ग़ुलाम दस्तग़ीर आज़ाद ने समाचार एजेंसीयों से कहा कि इस्लाम की बेइज़्ज़ती की बात कहते हुए स्थानीय धार्मिक नेता ने फ़तवा जारी किया और उसकी वजह से ये हत्याकाण्ड हुआ। आज़ाद ने कहा, "एक अविवाहित युवक और एक अविवाहित युवती एक दूसरे से प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे लेकिन उनके परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं थे इसलिए वे भाग निकले।" अधिकारियों का कहना है कि जब वे ईरान जाने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें तालेबानी आतंकवादियों ने ढूँढ़ निकाला। उन्हें जबरन ख़ाश रॉड ज़िले में अपने गाँव वापस आने को मजबूर कर दिया। आज़ाद ने कहा, "तीन तालेबानी मुल्ला उन्हें स्थानीय मस्जिद लेकर आए और एक फ़तवा जारी किया कि उन्हें मार दिया जाना चाहिए। इसके बाद मस्जिद के सामने सार्वजनिक रूप से गोली मार कर उनकी हत्या कर दी गई।" उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ रिपोर्ट मिली हैं कि प्रेमी जोड़े के परिवारों के तालेबान के साथ संबंध हो सकते हैं। इस मुद्दे पर तालेबान से बात नहीं हो सकी। जानकारों का कहना है कि यह हत्या दूरस्थ और ऐसी ख़तरनाक जगह पर हुई जहाँ तक सरकार की भी पहुँच नहीं है। गौरतलब है कि तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान में 1996 से लेकर 2001 तक शासन किया है और इस बीच उन्होंने वहाँ इस्लामी शरिया क़ानून लागू किया था।

