Saturday, December 20, 2008

पुलिस कांउसलर हुये सम्मानित

आगरा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार संचालित किये जा रहे है परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों को उनके सराहनीय कार्य के लिये एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में गरीब, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को सिलाई मशीनें भी प्रदान की गयी। कार्यक्रम के दौरान बढते घरेलू हिंसा के मामलों पर रोक लगाने पर ज़ोर दिया गया।
आगरा के पोरवाल भवन मे एक स्थानीय संस्था द्वारा आयोजित सम्मान समारोह मे परिवार परामर्श केन्द्र के अध्यक्ष एंव पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद ने कहा कि घरेलू झगड़ो के पीछे एक बड़ा हाथ घर की बड़ी-बूढी महिलाओं का भी होता है। इसलिये ये ज़रुरी हो जाता है कि केन्द्र के सदस्य पति-पत्नी के अलावा दोनों पक्षों की महिलाओं को भी खास कांउसलिंग दें ताकि घरेलू विवाद थाने या अदालत तक ना जाकर घर की चारदिवारी मे ही निपट जायें। उन्होने अपने कार्यकाल के दौरान शुरु किये गये प्रोजेक्ट दीदी के बारे मे भी लोगों को जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक (नगर) ड़ा. बी.पी.अशोक ने कहा कि दुनियाभर मे 90 प्रतिशत शादियां लव मैरिज होती हैं जबकि भारत मे ये औसत केवल 10 फिसदी है उसके बावजूद हमारे देश मे घरेलू झगड़े और विवाद ज़्यादा होते हैं। इसके बारे मे हमे खुले मंच पर बहस करनी चाहिये। उन्होने केन्द्र के सदस्यों को कठिनटास्क का प्रशिक्षण दिये जाने की वकालत करते हुये अन्तर्राजातीय और अन्तरधार्मिक विवाह किये जाने पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के सदस्य अन्जलि वर्मा, आरजे अखलाख अहमद, सुरेखा खत्री आदि ने भी अपने अनुभव लोगों के साथ बांटे। इसके बाद सिलाई मशीनें बांटी गयी और केन्द्र के सभी 50 सदस्यों और पुलिसकर्मीयों को मंच पर बुलाकर कर सम्मानित किया गया। जिनमें सोशल वर्कर सैय्यद इब्राहिम हुसैन ज़ैदी, प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, गौरव गुप्ता, रानी गुप्ता, मंजुला सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता इसरार हुसैन, अनुवादक गुलफाम अहमद, अरुणा सिंह, विमला राठौर, लाली यादव और हाजी जमीलुद्दीन के नाम प्रमुख हैं।

RAWA News