Sunday, December 28, 2008

एनसी कश्मीर की सबसे बड़ी पार्टी बनी

जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम और रुझानों के मुताबिक़ फ़ारुक़ अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस विधानसभा में सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में सामने आई है। फारुक़ अब्दुल्ला के पुत्र और पार्टी के वरिष्ठ नेता उमर अब्दुल्ला ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि वे कांग्रेस के समर्थन से सत्ता में आने के लिए तैयार हैं।
मुफ़्ती मोहम्मद सईद और महबूबा मुफ़्ती के नेतृत्व वाली पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। जब उमर अब्दुल्ला से पूछा गया कि वे किन दलों से गठबंधन के बारे में सोच रहे हैं तो उन्होंने कहा, "सबसे पहले हम बता दें कि भाजपा के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं हो सकता उसके अलावा हम बाक़ी सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार हैं।" उमर अब्दुल्ला ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी पीडीपी के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में कहा कि इसकी गुंजाइश बहुत कम है क्योंकि पीडीपी एक "अवसरवादी पार्टी है और उन्हें कुछ समय विपक्ष में बैठकर समझना चाहिए कि राजनीति क्या होती है।"
कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने के बारे में क्या सोचती है। अब तक प्राप्त परिणामों और रुझानों के अनुसार 87 सीटों में से नेशनल कॉन्फ्रेंस को 27, पीडीपी को 22, कांग्रेस को 17, भाजपा को 11, निर्दलीय और छोटे दलों को 10 सीटें मिलने वाली हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस मिलकर 87 सदस्यों वाली विधानसभा में साधारण बहुमत तक पहुँच जाएँगे। राज्य में अब तक के इतिहास में सबसे लंबी चुनाव प्रक्रिया में सात चरणों में मतदान हुए। अलगाववादियों की ओर से चुनाव बहिष्कार के आह्वान के बावजूद रिकॉर्ड संख्या में लगभग 62 फ़ीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भाजपा ने पिछले चुनाव से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है।

RAWA News