Saturday, December 20, 2008

चन्द्रयान पूरी तरह दुरुस्त

बंगलुरु। चांद पर भेजे गये भारतीय अंतरिक्ष खोजीयान चंद्रयान मे आयी तकनीकी खामी को दूर कर लिया गया है। इसरों से जुड़े वैज्ञानिकों के मुताबिक ये एक बड़ी समस्या थी जिसको सावधानी पूर्वक ठीक कर दिया गया है। अब यान को कोई खतरा नही है। गौरतलब है कि चंद्रयान तेज़ी से गर्म होने लगा था जिससे उसमें बड़ी गड़बड़ी होने का ख़तरा पैदा हो गया था लेकिन अब उसे दुरुस्त कर लिया गया है.
वैज्ञानिकों ने बताया कि मानवरहित चंद्रयान अब बिल्कुल अच्छी तरह से अपना काम कर रहा है। भारत ने चंद्रयान का प्रक्षेपण 22 अक्तूबर को किया था, नवंबर महीने के पहले सप्ताह में चंद्रयान अपनी कक्षा में पहुँच गया था। चंद्रयान का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था जिससे लगने लगा था कि पूरा मिशन नाकाम हो जाएगा। चंद्रयान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम अन्नादुरै ने मीड़िया को बताया, "हमने कई क़दम उठाए जिनकी वजह से तापमान अब सुरक्षित सीमा के भीतर 40 डिग्री तक आ गया है. चंद्रयान पर मौजूद सभी 11 उपकरण अच्छी तरह काम कर रहे हैं।" गर्मी पैदा होने के बाद चंद्रयान के कई उपकरणों को बंद करना पड़ा और चंद्रयान की स्थिति में 20 डिग्री का परिवर्तन किया गया।
एम अन्नादुरै के मुताबिक "अब चंद्रयान को वापस उसकी पुरानी स्थिति में ले आया गया है।" चंद्रयान का उद्देश्य चंद्रमा की सतह के विस्तृत नक्शे तैयार करना है. चंद्रयान पानी के अंश और हीलियम की भी तलाश करेगा। चंद्रयान को भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस यान के अब तक कई परीक्षण किए गए हैं और वैज्ञानिक उसके प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं, चंद्रयान अपनी यात्रा शुरू करने के सप्ताह भर बाद से धरती की तस्वीरें नियंत्रण कक्ष को भेज रहा है। चंद्रयान पर कुल 11 वैज्ञानिक उपकरण हैं जिनमें से छह विदेशी एजेंसियों के हैं. दो अमरीकी, तीन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एक बुल्गारिया का उपकरण चंद्रयान पर है, बाक़ी के पाँच उपकरण भारतीय हैं जिन्हें इसरो ने तैयार किया है। इस अभियान को लेकर सभी वैज्ञानिक खासे उत्साहित हैं।

RAWA News