लखनऊ। ओरैया ज़िले में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर मनोज गुप्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दिये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में इलाक़े के विधायक शेखर तिवारी को भी अभियुक्त बनाया गया है। शेखर तिवारी सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी के विधायक हैं। बुधवार शाम पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार भी कर लिया है। शेखर तिवारी पर कई अपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।मृत इंजीनियर के रिश्तेदारों ने पत्रकारों को बताया कि विधायक शेखर तिवारी काफ़ी दिनों से उनसे दस लाख रुपये चंदा मांग रहे थे। मंगलवार रात विधायक और उनके कुछ साथी औरैया में गैस अथॉरिटी की आशियाना कॉलोनी स्थित उनके घर गए। इन लोगों ने घर का दरवाजा तोड़कर इंजीनियर की पत्नी को बाथरूम में बंद कर दिया और इंजीनियर को मारा-पीटा। उन्हें बिजली के झटके भी दिए गए। विधायक और उनके समर्थकों ने अधमरी हालत में इंजीनियर को गाड़ी पर लाद कर पुलिस थाने पहुँचा दिया। पुलिस जब इंजीनियर को अस्पताल ले गई तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस बीच समाजवादी पार्टी के आह्वान पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश बंद का आह्वान किया गया है। राजधानी में इस हत्याकाण्ड का विरोध कर रहे सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया। इसी तरह सपा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कई जिलों मे विरोध प्रदर्शन किये।
उधर इस मामले से सकते मे आयी मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि विपक्ष इंजीनियर की हत्या को उनके जन्मदिन से जोड़कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
मायावती ने इंजीनियर की हत्या की जाँच सीबीआई से कराने की मांग को ठुकरा दिया। मायावती ने कहा, "सीबीआई जाँच की क्या आवश्यकता है। मेरे आदेश पर पुलिस ने इस मामले में सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है।"

