आगरा। यंहा से प्रकाशित होने वाली साप्ताहिक पत्रिका "जागता शहर" के सम्पादक अनिल शुक्ला ने तीसरे अंक के प्रकाशन से पहले ही इस्तीफा दे दिया। इसके पीछे की वजह गैरसम्पादकीय विभागों का उनके काम मे हस्तक्षेप करना बताया जा रहा है। हालाकि वहां पर चल रही अन्दरुनी राजनीति भी इसका कारण हो सकती है।
हाल ही में आगरा के एक कालीन व्यवसाई नवल किशोर पाड़ें और अशोक पांड़े ने मिलकर ऑफबीट मीड़िया ग्रुप बनाया और इसी के बैनर तले इस पत्रिका का प्रकाशन शुरु किया था। लेकिन टीम के नाम पर उनके पास कुछ माह पहले अमर उजाला से निकाले गये जय प्रकाश त्रिपाठी और दैनिक जागरण से बाहर किये गये अमी आधार निड़र हैं। ये दोनों ही अपनी कारगुज़ारियों के चलते आगरा की मीड़िया मे चर्चित रहते हैं। शुक्ला जी इन दोनों की दखल अन्दाज़ी से परेशान चल रहे थे। गौरतलब है कि इस पत्रिका को शुरु करने का आईडिया अनिल शुक्ला के पास काफी समय से था। जानकारों का कहना है कि किसी भी पत्रिका या पत्र को चलाने के लिये समाचार सामग्री के साथ-साथ अच्छी छवि के पत्रकार भी ज़रुरी होते हैं। आगरा के पत्रकारों के मुताबिक "जागता शहर" जागने से पहले ही सो गया।

