देवबंद(सहारनपुर)। सिगरेट के हर पैकेट पर वैधानिक चेतावनी लिखी होती है, 'सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।' अब दारुल उलूम ने फतवा दिया है कि यदि सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो इसे पीना नाजायज़ है। यह फतवा कम से कम स्वास्थ्य मंत्रालय के वास्ते तो फीलगुड है।दारुल उलूम के आनलाइन फतवा विभाग से एक व्यक्ति ने सवाल किया था कि क्या सिगरेट पीना हराम है? मैंने सुना है कि सिगरेट मुबाह है? मुफ्ती-ए-कराम ने शरीयत की रोशनी में जवाब देते हुए फतवा संख्या 796 के माध्यम से कहा कि सिगरेटनोशी अगर सेहत के लिए नुकसानदायक हो तो नाजायज है और मुजिर (नुकसानदायक) न हो तब भी बिला जरूरत सिगरेट पीना (शौकिया तौर पर) मकरूह (नापसंदीदा अमल) है।
वहीं, अन्य मुफ्ती-ए-कराम ने फतवे का समर्थन करते हुए कहा कि शरीयत के मुताबिक बिना किसी खास जरूरत शौकिया तौर पर सिगरेट या हुक्का पीना मकरूह है। इसके अलावा सिगरेट या हुक्का पीना यदि सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो तो सिगरेट, हुक्का पीना जायज नहीं है, लेकिन बहुत से मामलों में पेट संबंधी बीमारियों में हुक्का या सिगरेट पीना कारगर साबित होता है। ऐसे हालात में हकीम या चिकित्सक के परामर्श से इजाजत के बाद सिगरेट या हुक्का पीना जायज है। अब धूम्रपान करने वालों के समक्ष सवाल ये है कि वे ऐसा चिकित्सक कहां से लाएं जो धूम्रपान को स्वास्थ्य के प्रति लाभदायक बताए।

